औरैया। यमुना नदी पुल के दो ज्वाइंटरों में गैपिंग (दूरी) बढ़ने की आशंका पर गुरुवार सुबह विशेषज्ञों की टीम ने जांच की। गैप को पहले से होने व किसी भी तरह का खतरा न होने की बात कह क्लीन चिट दी गई। इसके बाद बंद चल रहा काम फिर से शुरू हुआ पुल की मरम्मत के साथ ही सड़क निर्माण का काम सितंबर तक पूरा होने की संभावना है।
पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से यमुना नदी पुल की मरम्मत का काम कराया जा रहा है। पुल पर 30 ज्वाइंटरों को बदला जा रहा है। साथ ही बियरिंग की ओवरहालिंग का काम किया जा रहा है। कार्यदायी संस्था की ओर से अब तक 28 ज्वाइंटर बदले जा चुके हैं। पुल के बीचों बीच हिस्से में पड़ने वाले दो ज्वाइंटरों के बदलने के दौरान सड़क के ज्वाइंट के बीच बढ़ी दूरी देखते ठेकेदार ने मंगलवार को काम बंद कर दिया था। इसके बाद उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई।
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अधिकारियों ने भी दूरी बढ़ने पर अनहोनी की आशंका जताते हुए जांच कराए जाने की बात कही। विभागीय अधिकारियों की ओर से चीफ इंजीनियर को पूरी जानकारी दी गई। जिस पर चीफ इंजीनियर ने लखनऊ से सेतु विभाग के विशेषज्ञों की टीम औरैया भेजी। जहां टीम की ओर से किए गए निरीक्षण में अधिकारियों ने ज्वाइंटर के सड़क की स्थिति सामान्य पाई।
टीम की ओर से दोनों ज्वाइंटरों के बीच की दूरी पहले से होना बताया गया। इसके बाद पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने राहत की सांस ली। इसके बाद फिर से पुल की मरम्मत शुरू कर दी गई। निरीक्षण के दौरान एई एसके तिवारी व जेई कृष्ण कुमार सिंह मौजूद रहे।
पुल के दो ज्वाइंटरों के जुड़ने के स्थान पर दूरी बढ़ी होने की आशंका देख, चीफ इंजीनियर कानपुर के संज्ञान में पूरा मामला दिया गया। इसके चलते दो दिनों से काम भी बंद चल रहा था। गुरुवार को उनकी ओर से भेजी गई विशेषज्ञों की टीम ने निरीक्षण के दौरान सब कुछ सामान्य पाया। टीम के हरी झंडी देते ही फिर से काम शुरू करा दिया है। - एसके तिवारी, एई, लोक निर्माण विभाग, औरैया।