अंबेडकरनगर में रविवार को छाए बादल।
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शनिवार को एक बार फिर मौसम बदला नजर आया। आसमान पूरी तरह साफ रहा। चटख धूप रही। सुबह से चलने वाली ठंडी हवाओं से अधिकतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट रिकार्ड की गई। न्यूनतम तापमान में चार डिग्री की गिरावट आई है। अधिकतम तापमान अभी भी 27.5 डिग्री सेल्सियस पर टिका हुआ है। यह पिछले सालों की अपेक्षा अधिक है।
शिमला में हुई बर्फबारी से पछुआ हवाओं ने मौसम में ठंडक घोल दी। दिन भर बर्फीली हवाएं चलती रहीं। मंगलवार तक मौसम तल्ख रहा। इससे अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह पिछले सालों की तुलना में अधिक है। तीन दिन से चल रहीं ठंडी हवाओं से अधिकतम तापमान में गिरावट हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार यह तापमान फरवरी के अंत तक 20 से 24 डिग्री से अधिक नहीं होना चाहिए था। वहीं न्यूनतम तापमान 17.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। पहले यह 14 डिग्री सेल्सियस पर था। इन दिनों हवाएं 14 किलोेमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रही हैं। यह फसलों के लिए नुकसानदायक हैं। फसलों के लिहाज से अभी तक यह तापमान बढ़ा हुआ है।
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो आसमान साफ है। हवाओं की वजह से मौसम में ठंडक है। इससे सुबह व शाम को गलन भरी सर्दी हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हवाएं रुकते ही मौसम तल्ख हो जाएगा। तापमान 34 डिग्री तक पहुंचने के आसार हैं। यह कई सालों की अपेक्षा बहुत अधिक है। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार का कहना है कि अभी तीन दिन तक हवाएं चलेंगी। इसके बाद यह रुक सकती हैं।