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जेवर बेच कर पत्नी ने दी थी हत्या की सुपारी

Thu, 15 Mar 2018 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/औरैया
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हत्यारोपी पत्नी नीरज व वैन चालक असलम व जानकारी देते एसपी संजीव त्यागी - फोटो : अमर उजाला
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औरैया। दिबियापुर थाना क्षेत्र के गांव दहगांव में एक सप्ताह पहले सूटकेस में मिले युवक के शव के मामले का गुरुवार को एसपी संजीव त्यागी ने खुलासा कर दिया। उन्होंने बताया कि मृतक की पत्नी ने ही प्रेमी को जेवर बेचकर पति को मारने की सुपारी दी थी। युवक की पीटकर हत्या के बाद शव को सूटकेस में भरा गया। इसके बाद वैन से युवक का शव ले जा कर फेंक दिया। हत्यारोपी पत्नी व चालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जबकि प्रेमी फरार है। सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव पढ़ीन निवासी दीपू उर्फ महेंद्र पुत्र रामऔतार का शव दिबियापुर थाना क्षेत्र के ग्राम दहगांव में एक सूटकेस में मिला था। सूटकेस नाले में डाल दिया गया था। एसपी ने बताया कि उसे समय शक उसकी पत्नी नीरज की तरफ गया था। इसीलिए पुलिस उससे पूछताछ कर रही थी। पुलिस की सख्ती के आगे नीरज टूट गई और उसने पूरी कहानी बयान कर दी। पुलिस की मौजदूगी में नीरज ने बताया कि उसका फफूंद क्षेत्र के ग्राम बाबा का पुर्वा निवासी विवेक उर्फ टीटू यादव से प्रेम प्रसंग चल रहा था। वह प्रेमी के साथ रहना चाहती थी लेकिन उसके पति के रहते यह कुछ हो नहीं सकता था। इस पर दोनों ने मिलकर पति महेंद्र को रास्ते से हटाने की साजिश रची।  नीरज ने बताया कि महेंद्र को बीच रास्ते से हटाने के लिए उसने विवेक से कहा। इस पर विवेक ने दो लाख रुपये का खर्चा आने की बात कही। इस पर उसने अपने सोने के दो तोला जेवर व कुछ चांदी के जेवर बेचकर 50 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद विवेक ने महेंद्र को 5 मार्च को फोनकर धोखे से किसी काम का बहाना बनाते हुए फफूंद स्थित अपने कोचिंग सेंटर पर बुलाया। जहां पर उसकी हत्या कर दी गई। इस संबंध में दिबियापुर इंस्पेक्टर सुधीर सिंह ने बताया कि हत्या के इस मामले में हत्यारोपी पत्नी नीरज व वैन चालक असलम को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या का मुख्य आरोपी विवेक अभी भी फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर सुधीर सिंह का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में  माथे पर गंभीर चोट लगने से हड्डी टूटने की बात सामने आई है। इसके अलावा सीने की पसलियां टूटी पाई गई। साथ ही दोनों फेफड़े भी क्षतिग्रस्त थे जिससे लग रहा है कि उसकी बेरहमी से पीटकर हत्या की गई।

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बस में आते-जाते शुरू हुआ था प्रेम प्रसंग
औरैया। घटना में हत्यारोपी पत्नी नीरज ने बताया कि एक साल पहले उसकी मुलाकात विवेक से बस में औरैया आते-जाते समय हुई थी। शरीर में परेशानी होने पर वह अक्सर औरैया में सुभाष चौक के पास किसी चिकित्सक को दिखाने आती थी। तभी विवेक से मुलाकात हो गई थी। इसी दौरान विवेक ने उसे बताया कि उसकी मां एक प्राइवेट नर्स है। तुम उसको दिखा दो शायद आराम मिल जाए। नीरज ने बताया कि इस पर वह फफूंद जाकर विवेक की मां से अपनी बीमारी का उपचार कराने लगी। इसी बीच दोनों के बीच संबंध बन गए थे।



एक बार पहले भी रची थी हत्या की साजिश
नीरज ने बताया कि इससे पहले भी 1 फरवरी को उन लोगों ने महेंद्र की हत्या करने की साजिश बनाई थी। इसके लिए महेंद्र को 1 फरवरी को फफूंद भी बुलाया गया था। जहां महेंद्र तो पहुंच गया था लेकिन किसी कारणवश हत्यारे अपनी साजिश को अंजाम नहीं दे पाए।
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दोपहर में की हत्या, रात में शव को ठिकाने लगाया
 5 मार्च को दोपहर लगभग 3 बजे हत्या करने के बाद हत्यारोपियों ने उसके शव को रात लगभग 9:15 बजे दहगांव ले जाकर ठिकाने लगाया था। इस मामले में जांच अधिकारी इंस्पेक्टर सुधीर सिंह ने बताया कि घटना के दिन गिरफ्तार किए गए वैन चालक असलम के मोबाइल की लोकेशन भी यही बता रही है। वह 5 मार्च को रात 8:30 से 9:15 बजे तक लोकेशन सल्हापुर होते हुए दहगांव गया था।

फफूंद में चाय की दुकान चलाता है वैन चालक
वैन चालक असलम फफूंद में नुमाइश मैदान के सामने पिछले आठ-दस साल से चाय की दुकान चलाता है। ड्राइविंग सीखने के बाद वह कभी-कभी गाड़ी चलाता था। उस दिन भी वह गाड़ी मालिक के कहने पर गाड़ी लेकर गया था। जहां वह खुद ही फंस गया। उसका हत्या से कोई सीधा लेना देना नहीं है।

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