33 केवीए बिजली उपकेंद्र की बिल्डिंग दो साल में ही जर्जर हो गई। शुक्रवार रात हुई बारिश के बाद छत से जगह-जगह पानी टपकने लगा। आनन-फानन में अधिकारियों व कर्मचारियों ने पॉलीथिन मंगाकर मशीनों के ऊपर डलवाई और उपकेंद्र से आपूर्ति रोक दी। इससे करीब सौ गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
उपकेंद्र बिहारीपुर का भवन दो साल पहले बनकर तैयारा हुआ था। मगर घटिया निर्माण के चलते पिछले साल ही छत से पानी टपकने लगा। इस साल यह समस्या और गंभीर हो गई है। पिछले दिनों पानी बरसने पर पूरे भवन की छत टपकने लगी थी। इस कारण बिजली कर्मियों ने आपूर्ति ठप कर दी थी। उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई। इस पर उच्चाधिकारियों ने छत पर पॉलीथिन बंधवाई, मगर पॉलीथिन भी तेज पानी को नही रोक पा रही है। पानी मशीनों में जा रहा। इससे मशीनों के फुंकने का खतरा बना हुआ है।
शुक्रवार रात हुई बारिश से फिर पूरी छत टपकने लगी। पानी रोकने के लिए कर्मचारियों ने फिर पॉलीथिन बांधी और किसी तरह पानी को मशीनों में जाने से रोका। उपकेंद्र में पानी भर जाने से कस्बा सहित करीब एक सैकड़ा गांव की आपूर्ति ठप कर दी गई। वहीं कर्मचारी भी काम करने से कतराते रहे। इस संबंध में जेई विवेक खरे ने बताया कि अधिकारियों के आदेश पर यह अस्थायी व्यवस्था की गई थी। भवन के निर्माण में लापरवाही बरतने पर कार्रदाई संस्था को नोटिस दिया गया है।