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Auraiya News: अंडरपास में भरा पानी, छह किमी. की ज्यादा की लगानी पड़ती परिक्रमा

Thu, 18 Sep 2025 11:28 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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फोटो-18एयूआरपी25- अंडरपास में भरे पानी से निकलते बाइक सवार। संवाद
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औरैया। बारिश के पानी से भरे जिले के दो अंडरपास ग्रामीणों को दर्द दे रहे हैं। पानी भरा होने से ग्रामीणों को तीन से छह किमी की परिक्रमा लगाकर गंतव्य को जाना पड़ रहा है। सर्वाधिक समस्या स्कूल जाने वाले छात्र-छत्राओं को हो रही है। पानी निकालने के लिए रेलपथ विभाग की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। लगातार यह विभाग ग्राम पंचायत पर व्यवस्था देखने की बात कह पल्ला झाड़ रहा है।
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दिल्ली-हावड़ा रेल रूट पर जिले में फफूंद, अछल्ला, कंचौसी रेलवे स्टेशन के अलावा कुछ हाॅल्ट भी हैं, जहां ट्रेनों का ठहराव होता है। जिले के 40 किमी के रेल मार्ग में दो अंडरपास हैं। मौजूदा समय में अंडरपास में जलभराव की स्थित इतनी भयावह है, कि जरा सी चूक में जान तक जा सकती है। पानी निकलने का प्रबंध न होने से स्थिति यह रहती है कि वाहन आधे से अधिक डूब जाते हैं। रेलपथ के अधिकारी ग्राम पंचायत पर पानी निकालने का ठीकरा फोड़कर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
वहीं नगर पंचायत सुध लेने को तैयार नहीं है। एक अंडरपास को बनाने में करीब करीब 60 से 70 लाख की लागत आई है। अंडर पास बनाते समय पानी भूगर्भ में समाहित करने की व्यवस्था की जाती है। बारिश के दिनों में पानी के बहाव के साथ मिट्टी वह कूड़ा आने व मोटी परत जमने से पानी भूगर्भ में समाहित नहीं हो पाता और अंडरपास में भर जाता है। कहीं पर भी पानी की निकासी की ऐसी समुचित व्यवस्था नहीं की गई, जिससे जलजमाव को रोका जा सके। ग्रामीण खतरा उठाकर निकलते हैं, या वैकल्पिक मार्ग चुनने को मजबूर हैं। जहां अधिक पानी भरता है वहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पानी भरा होने से आवागमन में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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यहां से होती है दिक्कत
तीन से सात किमी ज्यादा चक्कर काटना पड़ता है। बिझाई अंडरपास में पानी भरा है तो पांच से छह किमी की दूरी तय करते हैं और कंचोसी रेलवे कॉसिंग जाते हैं या घसा का पुर्वा ओवरब्रिज से निकलते हैं। रानीपुर अंडरपास में पानी भरा है तो ग्रामीण तीन किमी का चक्कर काटकर परजनी ओवरब्रिज से निकलते हैं।
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साइलेंसर में पानी जाते ही बंद हो जाते दो-पहिया वाहन
अंडरपास में पानी इस कदर भरा है कि दो पहिया वाहन सवार जैसी है पानी से निकलते हैं, वाहन बंद हो जाते हैं। कभी कभार तो वाहन सवार पानी में ही गिर जाते हैं। ट्रैक्टर आधे से अधिक डूब जाते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चे जूते-मोजे हाथ में लेकर किनारा पकड़ते हुए निकलते हैं। जरा सी चूक में उनके साथ कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

बिझाई गांव के अंडरपास से पांच हजार की निकलती आबादी
कंचौसी के बिझाई गांव के पास रेलवे का अंडरपास है। इस अंडरपास से बिझाई के अलावा सुंखमपुर, कसहा, हरतौली, धारमाई का पुरवा समेत अन्य गांव के करीब पांच हजार लोग निकलते हैं। यहां पानी भरा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लंबी दूरी तय कर ग्रामीण वैकल्पिक मार्ग का सहारा ले रहे हैं। ग्रामीण सिकंदर आलम, सुखवीर सिंह, अनिल कुमार, राजबहादुर, कल्लू आदि ने बताया कि सर्वाधिक परेशानी किसानों व स्कूल जाने वाले बच्चों को होती है। सभी ने अंडरपास से शीघ्र पानी निकलवाने की मांग की है।
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पहले थे पांच अंडरपास, तीन में बने ओवरब्रिज
पूर्व में जिले में पांच अंडरपास थे। तीन पर ओवरब्रिज बन गए। दो अंडरपासों में एक बिझाई व दूसरा फफूंद रेलखंड के अंतर्गत रानीपुर गांव के पास है। इस अंडरपास से रोजाना तीन गांव की करीब छह सैकड़ा आबादी का आवागमन होता है। पानी भरा होने से लोगों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

शीघ्र निकलवाया जाएगा पानी
अंडरपास का पानी निकालने के लिए पंपिंग सेंट मशीन रखने वालों से कांट्रैक्ट होता है। जहां भी ऐसी समस्या रहती है, यह लोग मौके पर जाकर पानी निकालते हैं। ग्राम पंचायत नगर पंचायत या नगर निगम की भी यह जिम्मेदारी है कि वह अंडरपास में पानी को निकलवाए। बिझाई व रानीपुर अंडरपास में पानी भरे होने का मामला संज्ञान में आया है। शीघ्र पानी को निकलवाया जाएगा।
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अमित सिंह, उत्तर मध्य रेलवे जनसंपर्क अधिकारी प्रयागराज मंडल

फोटो-18एयूआरपी25- अंडरपास में भरे पानी से निकलते बाइक सवार। संवाद

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