औरैया। जिले में जन आरोग्य योजना का लाभ लेने पहुंचे मरीजों को बायोमीट्रिक डिवाइस न लगने से निराश होना पड़ा। वहीं साइड न खुलने से लाभ के लिए आए मरीज अपना नाम सूची में नहीं देख सके। इधर अस्पताल प्रशासन ने दो दिन में व्यवस्थाएं दुरुस्त होने का आश्वासन दिया है।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना लांच हुए बुधवार को चौथा दिन रहा। स्वास्थ्य अधिकारियों की माने तो योजना की साइट आज भी काम नहीं कर सकी। साइट न चल पाने के कारण वह वहां आने वाले लोगों को पात्रता की जानकारी नहीं मिल सकी। वहीं बायोमीट्रिक मशीन न लगी होने से लाभ मरीजों को परेशानी हुई। आयुष्मान मित्र शिवसागर की माने तो साइट न खुलने से योजना विधिवत शुरू नहीं हो सकी है। एक-दो दिन में साइट खुलने लगेगी। अस्पताल में अधिकांश मरीज वायरल फीवर, दस्त, उल्टी आना, बुखार आदि के आते हैं। जिनके उपचार अस्पताल में आसानी से हो जाता है इस योजना के तहत इन मरीजों का चयन नहीं होना है। इसके अलावा अन्य गंभीर बीमारियां हैं। वह बीमारियां का इलाज जो योजना के तहत गरीब को दिया जाना है।
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गंभीर मरीजों को रेफर करना बनी आदत
50 शैय्या अस्पताल को प्रधानमंत्री की जन आरोग्य योजना को चुना गया है। यहां अस्पताल आने वाले गंभीर रोगियों का हकीकत में सिर्फ प्राथमिक उपचार ही किया जाता है। सड़क दुर्घटना में घायल को न तो यहां खून मिलेगा और न ही आपरेशन होगा। डाक्टर मरीज को रेफर करना आसान समझते हैं। हार्ट अटैक, बर्न आदि के केस भी डाक्टर लेने से बचते है।
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पैथालॉजिस्ट नहीं, धूल फांक रही ब्लड बैंक की मशीनें
जिला अस्पताल में ब्लड बैंक की शुरूआत 2013 में हुई थी। उस समय पैथालॉजिस्ट डॉ. सुधीर थे। उनका पांच जून 2013 को स्थानांतरण होने के बाद ब्लड बैंक में ताला पड़ गया, जो आज भी पड़ा। तब से ब्लड बैंक का ताला खोलना तो दूर इस कक्ष के बाहर फैली गंदगी तक साफ नहीं हुई है। ताले में बंद ब्लड बैंक की मशीनें भी धूल फांक रहीं हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों की माने तो कुछ मशीनें खराब भी हो चुकी होंगी।
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ब्लड बैंक के लिए रिक्त स्टाफ
पद संख्या रिक्त
पैथालॉजिस्ट एक खाली
मेडिकल अफसर एक खाली
लैब टेक्नीशियन दो खाली
स्टाफ नर्स तीन खाली
काउंसलर एक खाली
कोट
जन आयोग्य योजना की तैयारी पूरी हो चुकी है। एक-दो दिन में लाभ काम शुरू हो जाएगा। अस्पताल की अन्य व्यवस्थाएं भी दुरुस्त की जा रही हैं।
- लाखन सिंह (सीएमएस)