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एक ही परिवार के तीन युवकों की मौत से कोहराम

Sun, 05 Jun 2016 11:56 PM IST
Auraiya, Uttar pradesh, India
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नदी में के शवों की तलाश को जाल डालते मछुवारे। - फोटो : amar ujala beuro
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तीन माह पहले हुई बहन की शादी के बाद पहली अमावस्या का सामान लेकर जीजा के घर आए दो युवकों संग शहर घूमने निकले परिवार के एक युवक की मौत की खबर घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। चीख पुकार सुन आसपास के लोग सैकड़ों लोग घर के बाहर जमा हो गए।
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शहर के मोहल्ला दिल्ली दरवाजा निवासी आशीष की शादी जिला फतेहपुर हुई थी। शादी के बाद पहली वर अमावस्या पर पूजा का सामान लेकर उसका साला उमाकांत पुत्र रामबाबू अवस्थी दिल्ली दरवाजा आया था। उसके साथ में भांजा नितिन उर्फ रतन पुत्र स्व. रमाकांत द्विवेदी भी शनिवार को औरैया आया था। रविवार को दोनों अपने जीजा के भतीजे रामजी शुक्ला पुत्र ओम नारायण के साथ शहर घूमने बाइक से निकले। घूमते-घूमते तीनों युवक शेरगढ़ घाट पहुंच गए। तभी उन्होंने नदी में नहा रहे खानपुर के दो युवकों के अचानक बचाव-बचाव की आवाज सुनी।

तीनों नदी की ओर उन्हें बचाने को एक के बाद एक कूद गए। तैरना न आने के कारण वह पानी की भंवर में उलझ कर डूब गए। तभी दूर नदी में मछलियां पकड़ रहे नाविकों की नजर पड़ी। लेकिन जब तक वह वहां पहुंचे पांचों लड़के पानी की गर्त में धंस गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों को बुलाया। जाल डलवाया लेकिन तीन घंटे तक किसी का पता नहीं चला। बाद में गोताखोरों के प्रयासों से एक के बाद एक तीनों युवकों के शव बाहर निकाले गए। जबकि खानपुर कस्बे के बताए जा रहे दो युवक सिराज व उवैश की देर रात तक तलाश जारी रही।
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सीओ के जज्बे से गोताखोरों में दिखा हौसला
औरैया। घटनाक्रम की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे सीओ सिटी सुभाष अत्री के जज्बे ने पूरे पुलिस महकमे सहित गोताखोरों की भी हौसला आफजाई की। मौके पर मौजूद सीओ खुद नाव पर सवार होकर नदी के बीच पहुंचकर गोताखोरों की ओर से ढूढ़े गए शवों को नाव पर रखकर तट तक पहुंचाते रहे।

 घरों के जिम्मेदार थे मृतक युवक
औरैया। यमुना नदी में छोटे बच्चों को बचाने में मृत तीनों युवक नितिन उर्फ रतन, उमाकांत व रामजी अपने-अपने परिवारों के बहुत ही जिम्मेदार बताए गए। मृतक रामजी के चाचा आशीष शुक्ला ने बताया कि रतन उर्फ नितिन के पिता का चार साल पहले निधन हो गया था। नितिन दो भाई थे। बड़ा भाई केतन था। वह अपने परिवार में दूसरे नंबर का लड़का था। उमाकांत भी दो भाई थे। जिसमें उमाकांत घर में सबसे बड़े थे। रामजी तीन भाई होने के साथ ही परिवार में सबसे बड़ा था। वह चौधरी विशंभर सिंह भारतीय विद्यालय से इस बार हाईस्कूल में पढ़ रहा था।

दर्जा प्राप्त मंत्री ने जताया शोक
औरैया। यमुना नदी में पांच युवकों के डूबने की खबर मिलते ही मौके पर पहुंचे दर्जा प्राप्त मंत्री मोहम्मद इरशाद ने पुलिस अधिकारियों से जानकारी ली। इस दौरान वह लगातार मौके पर मौजूद रहे। इस दौरान दर्जा प्राप्त मंत्री ने मृतकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्ति की। पांच लोगों के यमुना नदी में डूबने की जानकारी मिलने पर देर रात घटना स्थल पर पहुंचे एडीएम एके सिंह ने मौके पर मौजूद तहसीलदार सदर रामनयन, कोतवाली प्रभारी नन्हें लाल यादव, एसडीएम अजीतमल से घटना की जानकारी ली।
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