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राज्य कर्मचारियों ने की हड़ताल, भटके फरियादी

Tue, 22 Dec 2015 10:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के तत्वावधान में मंगलवार को जिले के विकास भवन से लेकर ब्लाक सभागार, तहसील सभागार, डीआईओएस कार्यालय में हड़ताल के चलते पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। राज्य कर्मचारियों की ओर से कोई काम न किए जाने से अपना काम करवाने आए फरियादी इधर-उधर भटकते नजर आए।
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जिला मुख्यालय ककोर विकास भवन में ग्राम्य विकास, समाज कल्याण, विकलांग कल्याण, उद्यान, पशुपालन, प्रोवेशन, अर्थ एवं संख्या, कृषि, डीआरडीए, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, पंचायती राजस्व आदि विभागों के विभिन्न संगठनों के कर्मचारी एवं पदाधिकारी एकत्रित हो गए। हड़ताल का अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार पांडेय ने की।

जिला मुख्यालय के विकास भवन से लेकर शहर के सभी राज्य कर्मचारी कार्यालय में हड़ताल का असर नजर आया। राज्य कर्मचारियों ने पहले ही हड़ताल किए जाने का कार्यक्रम निर्धारित कर लिया था। मंगलवार की सुबह से जिले के सभी राज्य कर्मचारी हड़ताल पर बैठ गए।
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शहर के तहसील सभागर में आय-जाति एवं अन्य काम कराए जाने के लिए फरियादी भटकते नजर आए। राज्य कर्मचारियों के हड़ताल पर बैठने से फरियादियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है। वहीं विकासखंड सभागार में भी सभी कर्मचारियों फर्श डालकर हड़ताल पर बैठे नजर आए।

मांगें पूरी कराए जाने के लिए कर्मचारी सुबह से ही हड़ताल पर बैठ गए जो देर शाम तक हड़ताल पर बैठे रहे। मंगलवार को राज्य कर्मचारियों की हड़ताल का पूरा असर दिखाई दिया। काम-काज ठप्प रहने से शहरवासी इधर-उधर भटकते नजर आए। चाहे वह विकास भवन हो या फिर डीआईओएस कार्यालय सभी जगह हड़ताल राज्य कर्मचारी पल्ली बिछाकर हड़ताल पर बैठे नजर आए।

हड़ताल के दौरान मुन्नी सिंह, चरन सिंह, दीपक कुमार, धर्मेंद्र कुमार, अमर, ज्योति पांडेय, जितेंद्र कुमार, अमर सिंह वर्मा, रामविलास, विश्राम सिंह यादव, दिनेशचंद्र, वीरेंद्र दुबे आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।

राज्य कर्मचारियों की मांगें
-कर्मचारियों के इलाज की व्यवस्था में भ्रष्टाचार बंद किए जाने एवं कैशलेस सुविधा प्रदान किए जाने की मांग की है।
-संगठन के जिलाध्यक्ष सुरेश पांडेय ने कहा कि किसी भी जिले में किराए पर मकान निश्चित धनराशि पर ही सभी को मिलता है, फिर केंद्रीय कर्मचारियों को अधिक भुगतान क्यों, अन्य भत्ते केंद्र के सामन हों।
-निगमों में घाटे के जिम्मेदार उच्च अधिकारी/सरकार की नीतियां हैं तथा वेतन उनका काटा जा रहा है। यह व्यस्था बंद हो।
-फील्ड कर्मचारी पूरे दिन बाइकों से सरकारी कार्य करते हैं उन्हें साइकिल भत्ता पूरे माह का सौ रूपये का मिलता है। इन्हें बाइक भत्ता दिया जाए।
-ठेकेदारी व्यवस्था में भ्रष्टाचार का बोलबाला रहा है, इस व्यवस्था को समाप्त करके सीधे नौकरी के रास्ते खोलकर रोजगार दिया जाए।
-आंगनबाड़ी कार्यकत्री, रसोईयों, ग्राम रोजगार सेवकों सहित कार्यरत कर्मियों को राजकीय कर्मी घोषित किया जाए।

मांगे नहीं पूरी तो महा हड़ताल करेंगे कर्मचारी
औरैया। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष सुरेश पांडेय ने बताया कि दो दिवसीय हड़ताल के बाद भी राज्य कर्मचारियों की मांगे नहीं मानी गई तो वह आगामी 23 फरवरी 2015 से अनिश्चित कालीन महा हड़ताल पर बैठ जाएगें।

मुसीबत बनी हड़ताल
औरैया। राज्य कर्मचारियों ने भले ही अपनी मांगों को लेकर हड़ताल जारी रखी हो लेकिन आम जनता के लिए यह हड़ताल परेशानी का सबब बनी रही। दौलतपुर निवासी अमरचंद्र राठौर ने बताया कि मंगलवार को वह तहसील में आय-जाति प्रमाण पत्र बनवाए के लिए गए थे लेकिन हड़ताल के चलते वह परेशान नजर आए।

औरैया। जैतापुर के नवनिर्वाचित प्रधान अभिषेक यादव ने बताया कि मंगलवार को वह अपने कागजात लेने के लिए ब्लाक में गए हुए थे। लेकिन हड़ताल के चलते उनकी किसी ने नहीं सुनी। हड़ताल के चलते पूरा कामकाज ठप रहा है।

विकास खंड कार्यालय में कामकाज ठप
फफूंद (औरैया)। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय नेतृत्व के निर्देशन में विकास खंड भाग्यनगर में पेन डाउन हड़ताल जारी रही। विभागों में कामकाज ठप रहा। ब्लाक अध्यक्ष बृजेंद्र त्रिपाठी ने प्रदेश सरकार पर कर्मचारियों की मांगे अनसुनी किए जाने के आरोप लगाए।

वहीं वरिष्ठ लिपिक रामदास प्रजापति ने कहा कि जब तक हमारी मांगे नहीं मानी जाएंगी, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। ब्लाक भाग्यनगर मुख्यालय पर कर्मचारियों ने काम काज ठप रखा और हड़ताल पर चले गये। इस अवसर पर राज्य कर्मचारी तुलाराम, अतुल मिश्रा, शिव गोविंद पाल, प्रवीण राजपूत, बाबू सिंह, ओमकार नाथ कटियार, विजय सिंह, एडीओ नित्यानन्द तिवारी, जयसिंह आदि हड़ताल पर थे।
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