फोटो-43- घाट पर सलामी देते सेना के जवान। संवाद
अजीतमल। सड़क हादसे में हुई सेना के जवान की मौत के मामले में कानपुर से आई 326 लाइट आर्मी एयर डिफेंस रेजिमेंट के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने साथी को अंतिम सलामी दी। बाद में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
सदर कोतवाली क्षेत्र में गांव रौतियापुर के पास एक दिन पहले ट्रक की टक्कर से बाइक सवार जवान की मौत हो गई थी। कोतवाली क्षेत्र के गांव अमावता निवासी राजेंद्र रावत के बेटे कृष्ण रावत (26) साल 2017 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती 13 आर्म्ड रेजिमेंट एवं 27 राष्ट्रीय राइफल्स के साथ लद्दाख में थी।
वह बीते सात मई को ही एक महीने की छुट्टी लेकर घर आए थे। रविवार को घर से बाइक लेकर औरैया के लिए निकले थे। इसी दौरान सदर कोतवाली क्षेत्र में कानपुर-इटावा हाईवे पर गांव रौतियापुर के पास तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव गांव पहुंचा। कानपुर से आए जवानों ने मृतक को सलामी दी। इसके बाद यमुना किनारे उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक जवान के बड़े भाई मिथुन ने बताया कि कृष्ण की शादी तीन वर्ष पहले काजल के साथ हुई थी। दोनों को अभी कोई संतान नहीं थी।