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दाम सही मिलने पर गैर राज्यों में जा रहा औरैया का आलू

Mon, 19 Mar 2018 10:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
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कोल्ड स्टोरेज पर खड़े आलू के ट्रैक्टर - फोटो : amarujala
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औरैया। पिछले साल की तुलना में इस बार आलू का बाजार भाव सही है। इस बार आठ सौ से नौ सौ रुपये क्विंटल तक भाव है। इस कारण किसानों का जोर कोल्ड स्टोर में भंडारण की बजाय अधिक से अधिक आलू को गैर राज्यों की मंडी में बेच रहा है। वहीं इस बार कोल्ड संचालक भी सकते हैं। अभी से बिना मूल्य तय किए स्टोर संचालकों ने भंडारण शुरू कर दिया है।

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पिछले साल करीब 60 फीसदी आलू कोल्ड स्टोरेज में रखा गया था। हालात यह थे कि आलू की खुदाई के समय ही बाजार धड़ाम हो गया। बाजार भाव चढ़ नही सका। जिससे किसानों के सामने कोल्ड स्टोरेज से आलू निकालने तक का संकट खड़ा हो गया। स्थिति यह बन गई कि किसानों ने आलू कोल्ड स्टोर से निक ाला ही नहीं। कोल्ड स्टोर संचालकों को आलू बाहर फेंकना पड़ा। इस बार खुदाई के समय ही छह सौ रुपये क्विंटल आलू बिका और बाजार भाव चढ़ता रहा। इस कारण किसान अपना आलू कोल्ड स्टोर की ओर नहीं ले गए। अब किसान आलू दूसरे राज्य के बाजार में ले जाने लगा है। हालत ये है कि आलू का भाव एक हजार रुपये क्विंटल तक मिल रहा है। जिससे जिले में खुले एक दर्जन कोल्ड स्टोरेज संचालक इस समय संकट में है। यहां किसान आलू लेकर नहीं जा रहा है। ऐसे में संचालक मूल्य भी तय नहीं कर पाए। बिना मूल्य तय किए ही कोल्ड स्टोर संचालक आलू रखने लगे हैं।

फैक्ट फाइल
आलू का कुल रकबा- 5200 हैक्टेयर
संभावित उत्पादन - एक लाख 25 हजार मीट्रिक टन
बाजार में खपत इस बार- करीब 70 फीसद तक
जिले में कुल कोल्ड स्टोर- 12
कुल भंडारण क्षमता- 80 हजार मीट्रिक टन

सरकारी केंद्र नहीं खरीद पाए एक आलू
बाजार भाव जहां आठ सौ रुपये से एक हजार तक जा रहा है। वहीं सरकारी समर्थन मूल्य 540 रुपये क्विंटल है। जिसमें भी मानक तय है कि 50 से 52 सेमी तक का आलू होना चाहिए। कम मूल्य व मानक के कारण कोई किसान केंद्रों पर नहीं पहुंचा। हालत यह है जिले के तीनों सरकारी केंद्रों पर एक भी आलू नहीं खरीदा जा सका।
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मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र तक जा रहा आलू
औरैया का आलू एमपी, राजस्थान व महाराष्ट्र में जा रहा है। यहां पर इस बार सर्दी व कोहरा न होने से आलू की फसल का उत्पादन बहुत कम हुआ है। जिस कारण यहां आलू का बाजार भाव 1500 रुपये क्विंटल तक जा रहा है। इस कारण किसान यहां से पहले आलू आगरा मंडी ले जाते हैं. जहां से मेरठ, शामली आदि जिलों में आलू जा ही रहा है। वहीं आगरा मंडी से ही गैर राज्य भी आलू जा रहा है। जिला उद्यान अधिकारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि जिले से 25 फीसद आलू दूसरे राज्यों व जिलों में जा चुका है।

 कोल्ड स्टोर संचालक की बात
मेरे कोल्ड स्टोर में दो लाख चालीस हजार आलू के बोरे रखने की क्षमता है। मगर इस बार किसानों की दूरी है। वह स्कीम भी चला रहे हैं। फिर भी आलू किसान नहीं आ रहे हैं।
 - राजेंद्र शुक्ला, संचालक, जय मंगला कोल्ड स्टोरेज
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किसान आलू का रेट तय करने के बाद ही अपने आलू का भंडारण कराता है। लेकिन इस बार किसानों के न आने से ऐसी ही आलू रखवा रहे हैं। मजबूरी है कि फिर कोल्ड स्टोर चलेगा कैसे।
गौरव सिंह, गौरव कोल्ड स्टोरेज, भाऊपुर

इनसेट-
अनुदान बन रहा किसानों के लिए संजीवनी
पिछली बार आलू किसानों के घाटे कारण उद्यान विभाग ने अनुदान योजना बनाई थी। जिसके तहत कोई भी किसान प्रदेश व देश की किसी भी मंडी में आलू बेच सकता है। जिसमें 60 फीसदी तक ट्रांसपोर्टिंग का खर्चा सरकार वहन करेगी। यह अनुदान योजना किसानों के लिए वरदान बन गई।
इनसेट-
कोल्ड स्टोरेज में आलू का भंडारण शुल्क घोषित नहीं किए जाने के बारे में भंडारण के पूर्व कोल्ड स्टोरेज संचालकों को भंडारण शुल्क घोषित करना चाहिए। अगर नहीं किया तो पिछले वर्ष का माना जाएगा। किसान सही मूल्य मिलने पर अधिक आलू बाजार में बेचने में लगे है। फिर भी कोल्ड स्टोरेज में आलू का भंडारण ठीक ठाक होगा।
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 - राजेंद्र सिंह,   जिला उद्यान अधिकारी

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