औरैया जिले के कसबा अछल्दा में बहन का तिलक चढ़ने के बाद महेश सिंह के बेटे संदीप सिंह उर्फ सोनू रिश्तेदारों को वापस रवाना कर रहे थे। रात करीब साढ़े दस बजे उनके मोबाइल की घंटी बजी। दूसरे ही पल सारा माहौल मातम में बदल गया। पता चला कि कार नहर में डूब गई। अमर उजाला से बातचीत में हादसे की कहानी बयां करते हुए संदीप सिंह ने बताया कि आनन फानन में वह घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। मौके पर पहुंचने के बाद बेटी को तो बचा लिया पर भतीजी पानी में बहकर मौत के मुंह में समा गई।
सब इंसपेक्टर पद के लिए तैयारी कर रहे सोनू ठाकुर ने बताया कि रात का वक्त होने के कारण घटनास्थल की सही लोकेशन नहीं मिल पाई। हड़बड़ाहट में वह दूसरे नहर पुल पर पहुंच गए लेकिन वहां कोई नजर नहीं आया। इसके बाद दोबारा बात कर घटनास्थल पर पहुंचे। कार नहर के अंदर आधी पलटी हालत में पड़ी थी। आनन फानन में रजबहे में कूद पड़े।
कार के शीशे तोड़ा। टटोलकर देखा तो उसकी छह वर्षीय बेटी अदिति का हाथ पकड़ में आया। आनन फानन में उसे बाहर खींचा। ट्रक चालकों और स्थानीय लोगों की मदद से एक-एक करके शिवम शुक्ला, सोमू बाजपेयी, रोहित सिंह व शिवेंद्र पांडेय को बाहर निकलवाया। तब तक सभी ने दम तोड़ दिया था। इसी बीच उसके रिश्तेदार बंटी ठाकुर की बेटी श्रेया उर्फ जान्हवी गाड़ी के अंदर से बहाव के साथ बह गई।