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Auraiya News: कहीं चुनाव आचार संहिता के पेच में न फंस जाए नेत्र चिकित्सालय का संचालन

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संवाद न्यूज एजेंसी
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औरैया। 20 दिन पूर्व डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने ट्वीट कर बिधूना स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया नेत्र चिकित्सालय में चार चिकित्साधिकारी व सात पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती के निर्देश जारी होने की सूचना ट्वीट की थी। 20 दिन बीत जाने के बाद भी अस्पताल में एक भी तैनाती नहीं हो सकी है।
नेत्र रोगियों को गैर जनपद की राह देखनी पड़ रही है। आलम यह है कि अभी उपकरणों के लिए भी जद्दोजहद होनी है। ऐसे में लोकसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता के फेर में नेत्र चिकित्सालय के संचालन पर ग्रहण लगता दिखाई दे रहा है।
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जिले में नेत्र रोगियों को लेकर 50 शैया जिला अस्पताल व 100 शैया जिला अस्पताल में चिकित्सक तो मौजूद हैं, लेकिन जरूरी उपकरणों के अभाव में ऑपरेशन से लेकर आंखों की जांचों का काम नहीं हो पा रहा है। नेत्र रोगियों को राहत देने के लिए बिधूना में छह करोड़ 93 लाख रुपये की लागत से डॉ. राम मनोहर लोहिया नेत्र चिकित्सालय की बिल्डिंग को 50 बेड से लैस बनाया गया।
छह नवंबर 2021 को सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेत्र चिकित्सालय का लोकार्पण किया। ढाई साल से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी नेत्र रोगियों को स्वास्थ्य सेवा देने का काम महज भवन निर्माण तक सीमित है। यहां चिकित्सक की तैनाती न होने से परामर्श देने की सहूलियत भी नहीं मिल सकी है।
19 जनवरी को सूबे के डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने ट्वीट करते हुए चार चिकित्साधिकारी व सात पैरामेडिकल स्टाफ की नेत्र चिकित्सालय में तैनाती के दिशा-निर्देश की जानकारी दी थी। डेढ़ माह से ज्यादा का समय बीत चुका है। किसी की तैनाती हो सकी है और न ही उपकरणों की खरीद। वहीं डॉ. राममनोहर लोहिया नेत्र चिकित्सालय बिधूना के संचालन की दिशा में भी कोई कदम बढ़ाया जा सका है।
सब कुछ सूचनाओं के इर्दगिर्द नजर आ रहा है। दूसरी ओर लोकसभा चुनाव को लेकर तैयारी तेज हैं। ऐसे में आचार संहिता लगने से नेत्र चिकित्सालय के संचालन पर ग्रहण लग सकता है। ऐसे में मंत्रियों की ओर से खेले जा रहे ट्वीट के फेर में जिले के लोगों को नेत्र चिकित्सालय की सुविधा के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।

जिला स्तर पर नेत्र चिकित्सालय के लिए जुटाए गए उपकरण
नेत्र चिकित्सा के लिए जिला स्तर पर सीएमओ के नेतृत्व में आंखों की जांच के लिए काफी मात्रा में उपकरण जुटाए गए हैं। हालांकि इसमें भी कई महंगे उपकरणों को खरीदा नहीं जा सका है। वहीं आपरेशन के लिए जरूरी ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप की खेप लखनऊ से आनी है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लगातार पत्राचार व संपर्क में जुटे हैं। विभाग के लिए पहले चरण में चिकित्सक व स्टाफ तो दूसरी चरण में उपकरणों को जुटाना होगा। इसके बाद ही नेत्र चिकित्सालय के संचालन का रास्ता साफ होगा।

50 शैया जिला अस्पताल में उपकरणों का अभाव
शहर स्थित 50 शैया जिला अस्पताल में दो नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं। इसमें से एक नेत्र सर्जन की पिछले दिनों तैनाती हुई थी। यहां पर उपकरणों का अभाव होने की वजह से लोगों को नेत्र संंबंधी समस्याओं को लेकर आवश्यक सेवाएं प्रभावित हैं। हालांकि सीएमएस डॉ. मंजू सचान की ओर से उपकरणों को लेकर पत्राचार करते हुए डिमांड भेजी गई है।
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वर्जन
बिधूना 50 शैया नेत्र चिकित्सालय में प्रस्तावित चार चिकित्साधिकारी व सात पैरामेडिकल स्टाफ की अभी तैनाती सुनिश्चित नहीं हो सकी हैं। इसे पूरा करने के साथ उपकरणों को लेकर प्रयास जारी हैं। ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप से लेकर अन्य उपकरणों को लेकर सोमवार को लखनऊ जाना होगा। कुछ उपकरणों को जिला स्तर पर जुटाया गया है। जिसे स्टोर में रखवाया गया है।
-डॉ. सुनील कुमार वर्मा, सीएमओ
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