औरैया। विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों में राजनीति का गणित बदल जाएगा। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चुनाव में जीत के फासले से कहीं ज्यादा वोट एसआईआर में घट गए हैं।
सदर विधानसभा क्षेत्र में तो जीत के फासले में और वोट कटने के बीच दो गुने से ज्यादा का अंतर है। ऐसे में राजनीतिक दलों से लेकर जनप्रतिनिधियों ने सामने आई मतदाता सूची के आंकड़ों का मंथन शुरू कर दिया है।
सदर विधानसभा क्षेत्र से साल 2022 में हुए चुनाव में भाजपा की गुड़िया कठेरिया व सपा के जितेंद्र कुमार दोहरे के बीच जीत की जंग हुई थी। गुड़िया कठेरिया को जहां 88631 वोट मिले थे, वहीं जितेंद्र कुमार दोहरे को 66184 वोट मिले थे। जीत का अंतर 22447 रहा था। एसआईआर के बाद सदर विधानसभा क्षेत्र में 46417 वोट कम हो गए हैं। जीत के फासले के सापेक्ष कटे वोटों की संख्या दो गुनी है।
इसी तरह बिधूना विधानसभा क्षेत्र में साल 2022 में हुए चुनाव में सपा से रेखा वर्मा और भाजपा से रिया शाक्य के बीच टक्कर हुई थी। इसमें रेखा वर्मा ने जीत दर्ज करते हुए 97257 वोट पाए थे। रिया शाक्य 89492 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रही थीं। जीत का अंतर 7765 रहा था। इस सीट पर एसआईआर के बाद 32695 वोट कट गए हैं। ऐसे में जीत के फासले के सापेक्ष चार गुना वोट कट गए हैं।
दिबियापुर में एसआईआर के आंकड़े चिंताजनक हैं। दिबियापुर विधानसभा क्षेत्र से साल 2022 में भाजपा से लाखन सिंह व सपा से प्रदीप यादव के बीच टक्कर हुई थी। इसमें प्रदीप यादव ने जीत दर्ज करते हुए 80865 वोट पाए थे। लाखन सिंह 80392 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे थे। जीत का अंतर महज 473 रह गया था। इस सीट पर एसआईआर के बाद 32372 वोट कट गए हैं।
ऐसे में दिबियापुर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक समीकरण सबसे ज्यादा बिगड़ेंगे। हालांकि किस पार्टी का वोट बैंक मजबूत होगा। यह भविष्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में सामने आएगा लेकिन राजनीतिक जानकारों के अनुसार वोटों का गणित बड़े पैमाने पर उलटफेर होगा। फिलहाल कटे वोट बैंक पर नजर रखी जा रही है।
विधानसभा क्षेत्र साल 2017 में वोटों का फासला साल 2022 में जीत का फासला कटे वोट
औरैया 31862 22447 46417
बिधूना 3910 7765 32695
दिबियापुर 12094 473 32372
इटावा व कन्नौज लोकसभा सीटों पर भी बदलेंगे चुनाव के समीकरण
औरैया। जिले में इटावा व कन्नौज लोकसभा सीटों का भी दायरा है। बिधूना विधानसभा जहां कन्नौज लोकसभा के दायरे में आती है। वहीं दिबियापुर व औरैया विधानसभा क्षेत्र इटावा लोकसभा क्षेत्र में आता है। कटे हुए वोटों का आंकड़ा यहां हार जीत के फासले को काफी हद तक प्रभावित करेगा।
साल 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में इटावा सीट से सपा के जितेंद्र दोहरे और भाजपा के डॉ. राम शंकर कठेरिया के बीच टक्कर हुई थी। इसमें जितेंद्र कुमार दोहरे ने 490747 वोट पाते हुए जीत दर्ज की थी। डॉ. रामशंकर कठेरिया 432328 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे थे। जीत का अंतर 58419 वोटों का रहा था। औरैया में आने वाले दायरे में यहां पर 78789 वोट कट गए हैं। ऐसे में जीत के फासले से डेढ़ गुना के करीब वोट कट गए हैं।
कन्नौज लोकसभा सीट से साल 2024 में हुए चुनाव में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव व भाजपा से सुब्रत पाठक के बीच टक्कर हुई थी। यहां अखिलेश यादव ने 642292 वोट पाकर जीत दर्ज की थी। सुब्रत पाठक 471370 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे थे। यहां जीत का फासला 170922 का रहा था। इस सीट पर औरैया क्षेत्र में 32695 वोट कटे हैं। ऐसे में कन्नौज लोकसभा सीट पर जीत का बड़ा अंतर होने की वजह से कटे हुए वोटों का असर कम नजर आ रहा है। (संवाद)