दोपहर के समय धूप से बचने के लिए छाता लगाकर जाते पिता-पुत्र।
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शुक्रवार को दिन में लोगों को भीषण गर्मी का अहसास हुआ। तेज धूप से लोगों को त्वचा जलती महसूस हुई। इससे लोग शरीर को पूरी तरह ढककर घर से बाहर निकले। मौसम विभाग की मानें तो 31 मार्च का दिन 10 सालों में सबसे अधिक गर्म रहा। पूरे दिन लपट चलती रही।
मौसम विशेषज्ञ संदीप कुमार के अनुसार शुक्रवार को दिन के समय अधिकतम तापमान 42.23 डिग्री रिकार्ड किया गया। न्यूनतम तापमान 22.10 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। दोपहर और दोपहर के बाद हवाओं की गति आठ से 10 किलो मीटर प्रतिघंटा रही। हवाएं उत्तर और पश्चिमी दिशाओं से चलीं। दोपहर के समय तेज धूप और सूरज के गर्म होने से लोगों को भीषण गर्मी के साथ ही लपट का अहसास हुआ। तेज धूप से शरीर में जलन की समस्या रही।
इससे लोग शरीर को पूरी तरह से ढककर निकले। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 31 मार्च को दिन की गर्मी ने 10 सालों का रिकार्ड तोड़ दिया। वर्ष 2007 में अधिकतम तापमान 39.0 डिग्री सेल्सियस रहा था। मौसम विशेषज्ञों ने अप्रैल में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद जताई है।
वर्ष अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान
2007 39.0 17.5
2008 34.5 21.6
2009 34.5 18.2
2010 38.2 20.0
2011 34 .0 16.5
2012 36.5 15.0
2013 32.6 15.0
2014 33.5 19.3
2015 32 18.0
2016 37 17.5