फोटो-36- हाईवे स्थित कट की जांच करती यातायात पुलिस। स्रोत पुलिस
औरैया। सदर कोतवाली की क्रिटिकल कॉरिडोर (सीसी) टीम की जांच रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार, हाईवे पर डिवाइडर की कम ऊंचाई और अवैध कट हादसों का सबसे बड़ा कारण बन रहे हैं। पुलिस ने सुधार के लिए अब यह रिपोर्ट एनएचएआई को भेजने की तैयारी कर ली है।
सड़क हादसों के पीछे के असली कारणों को जानने के लिए सीसी टीम ने यातायात पुलिस के साथ पिछले दो माह तक घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने विशेष रूप से कानपुर-इटावा हाईवे स्थित गांव करमपुर से भाऊपुर के बीच जांच की, जहां सबसे ज्यादा जोखिम पाया गया।
जांच रिपोर्ट के अनुसार नवीन मंडी के सामने लोगों ने डिवाइडर के किनारे ईंटें रखकर रास्ता बना लिया है। लोग जान जोखिम में डालकर यहीं से हाईवे पार करते हैं। भाऊपुर के पास डिवाइडर के बीच इतनी जगह है कि लोग वहां से बाइक और अन्य वाहन तक निकाल लेते हैं।
अचानक सामने आने वाले इन वाहनों को बचाने के चक्कर में तेज रफ्तार गाड़ियां अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो जाती हैं। इंडियन ऑयल चौकी के पास भारी वाहनों को हाईवे पर ही खड़ा कर उनकी मरम्मत की जाती है। सड़क घेरे जाने के कारण पीछे से आने वाले वाहनों के लिए जगह कम बचती है, जो टकराने का मुख्य कारण बनता है।
कोतवाल राजकुमार सिंह ने बताया कि हादसों का कारण समझने के लिए सीसी टीम ने जांच की थी। सीओ सिटी के माध्यम से जांच रिपोर्ट एनएचएआई को भेजी जा रही है ताकि जल्द से जल्द इन खामियों को दुरुस्त कराया जा सके।