अजीतमल। सरकार ने प्रधानमंत्री आवास देने का सपना तो संजोया, लेकिन धरातल पर इस सपने का कितना दुरुपयोग किया गया। इसकी पोल खुलना शुरू हो गई है। पीएम आवास पाने के लिए गठित की जांच टीम में शामिल विभाग अब बगलें झांकता नजर आ रहा है। अब अपात्रों से रिकवरी कराने की बात कहते हुए घोटाले पर पर्दा डाला जा रहा है।
पिछले दिनों इंटरनेट मीडिया पर ब्लॉक प्रमुख अवनीश पांडेय की पत्नी संध्या द्वारा प्रधानमंत्री आवास शहरी का लाभ लेते हुए दो किश्तों में खाते में आये दो लाख रुपये निकालने और आवास का कहीं निर्माण न कराते हुए अलग-अलग जगहों से फोटो खिंचवाकर अपलोड करने का मामला वायरल हुआ था। यह मामला आम जनमानस की जुबां पर भी चर्चा का विषय बना रहा।
मामले में ब्लॉक प्रमुख अवनीश पांडेय ने सफाई दी कि डूडा कार्यालय पहुंचकर उनकी पत्नी के द्वारा उपयोग किया गया दो लाख रुपये वापस कर दिया गया है। इस मामले में दोषी अपात्र लाभार्थी से लेकर संलिप्त कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रति जांच कर कानूनी कार्रवाई का भरोसा भी उच्चाधिकारियों की और से दिया गया। यह मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ कि नगर पंचायत बाबरपुर-अजीतमल के मोहल्ला लक्ष्मी नगर में भी एक मामला प्रकाश में आया है।
मोहल्ले निवासी अनुराधा पिछले कार्यकाल में तत्कालीन चेयरमैन रानी पोरवाल की करीबी मानी जातीं थीं। साथ ही वह नगर पंचायत कार्यालय में बतौर आउटसोर्सिंग कर्मचारी कार्यरत रहीं। उन्होंने भी प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन किया। दो किस्तों में पैसा निकालने की कवायद में दोनों बार अलग-अलग फोटो अपलोड कर दी गई। ताज्जुब तो यह हुआ कि दोनों फोटो में लाभार्थी को लेकर एक ही नंबर पर अपलोड दोनों फोटो अलग-अलग महिला की हैं।
साथ ही रुपये निकाल कर उपयोग कर लेने के बावजूद भी भवन निर्माण कहीं धरातल पर नहीं हुआ। मामला तूल पकड़ा तो रुपये वापस करवाने की प्रक्रिया का राग अलापते हुए डूडा ने लीपापोती शुरू कर दी। डीसी डूडा यमन ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी। साथ ही बाबरपुर कस्बे के मोहल्ले विद्या नगर निकासी शांती देवी पत्नी हटे सिंह द्वारा भी 50 हजार रुपये की किस्त निकाली जा चुकी है, लेकिन कोई काम नहीं किया गया है। शांती देवी से रिकवरी की जाएगी।