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बारिश ने बढ़ाई गलन, सर्द दवाओं ने झकझोरा

Tue, 03 Jan 2017 12:12 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला औरैया
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सोमवार की शाम संजय गेट पर पसर गया सन्नाटा - फोटो : Amar ujala
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मौसम विभाग पांच जनवरी के बाद औरैया जनपद में बारिश की संभावना जता रहा था, लेकिन मौसम ने यूं पलटी मारी कि बारिश मौसम विभाग के अनुमान से तीन दिन पहले ही देखने को मिली। इसका कारण पछुआ हवाओं का बादलों पर असर बताया जा रहा है।  बारिश के चलते गलन बढ़ गई और पूरे दिन लोग ठिठुरते रहे।
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सोमवार को दिन के समय अधिकतम तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस तो रात का न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। जबकि हवाओं की गति छह से आठ किलो मीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से रही है। मौसम वैज्ञानिक एसके सिंह ने बताया कि  चार जनवरी से आठ जनवरी के बीच मौसम ठीक रहेगा। जबकि नौ जनवरी के बाद मौसम एक बार फिर सख्त होने की संभावना दिखायी दे रहीं हैं। इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम दोनों तापमानों में गिरावट देखने को मिलेगी।

न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस तक जाने की संभावना दिख रही है। तो वहीं घना कोहरा छाने के आसार भी हैं। रविवार की शाम आसमान में बदली छाई थी। कानपुर में पछुआ हवाओं का दबाव बादलों पर रात 11 बजे पड़ा तो उसका असर औरैया में भी दिखा। औरैया में एक एमएम बारिश हुई। अचानक बदलने मौसम से लोगों शाम के समय जल्दी बाजारों के काम निपटाए और शाम छह बजे से ही घरों में कैद हो गए।
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बारिश से सरसों की फसल को नुकसान, गेहूं के लिए अमृत
नई साल में हुई बारिश से फूल वाली फसलों को हल्का नुकसान हुआ है। बारिश के बाद अगर तेज हवा आ जाती तो फूल वाली फसलों पर अधिक नुकसान हो जाता है। फिलहाल सरसों और अरहर की खेती पर हल्का असर हुआ है। इस बारिश से माहू लगने की संभावना बढ़ गई है।

रविवार की रात हुई बारिश से गेहूं, चना, लहसुन की फसल को जहां अधिक फायदा हुआ है वहीं सरसों और अरहर की खेती को हल्का नुकसान हुआ है। इस बारिश के बाद अगर फिर बारिश हुई तो दोनों फसलें चौपट हो जाएंगी। बारिश से सरसों और अरहर के फूल गिर गए है इसके साथ ही माहू के लगने की संभावना बढ़ गई है। बारिश के बाद अगर तेज हवा आ जाती तो सरसों के गिर जाने से अधिक नुकसान होता।

जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह ने बताया कि किसान सरसों को माहू से बचाने के लिए अभी से प्रयास शुरू कर दें। माहू की कीटनाशक दवा कृषि रक्षा इकाईयों पर आ गई है जो सब्सिडी पर दी जाएगी। किसान अब सरसों के खेत में पानी न लगाए, बारिश के पानी से ही सरसों की फसल पक कर तैयार हो जाएगी।
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