जून के शुरुआती दौर में उमस और गर्मी ने लोगों का सुख-चैन छीन लिया है। सुबह 10 बजते ही आसमान से आग बरसने लगती है। तेज धूप से बचाव को लोग पेड़ की तलाश में रहते हैं। दोपहर होते ही सड़कों पर कर्फ्यू का नजारा दिखाई देता है। भीषण गर्मी के चलते लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो जाते है।
रविवार सबसे अधिक गर्म दिन रहा। पारा 46.8 के पार पहुंच गया। सुबह से ही सड़कों लग रहा था कि जैसे अंगारे बरस रहे हों। भीषण गर्मी और उमस के चलते लोग बेहाल दिख रहे हैं। लोग अपने घरों से बाहर निकलने के लिए या तो छतरी का सहारा लेते है या फिर अंगौछे का। भीषण गर्मी से लोग पेड़ की छांव लेने के लिए इधर-उधर भटकते रहते हैं।
स्थिति यह है कि लोग घरों से निकलने से पहले सोचने को मजबूर होते हैं कि बाहर निकला जाए या नहीं। दोपहर में सड़कों पर कर्फ्यू जैसे हालात दिखाई देते हैं। भीषण गर्मी से आमजन मानस त्रस्त है।
वहीं पशु-पक्षी भी बेहाल दिखाई दे रहे हैं। पशु-पक्षी भीषण गर्मी में या तो पेड़ के नीचे बैठते है या फिर ठंडक में बैठे दिखाई देते हैं। लोग गर्मी से बचने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं।