बिधूना। प्रदेश में पहली बार ग्राम प्रधानों को ही छह माह के लिए प्रशासक बनाए जाने के निर्णय से प्रधानों में खुशी का माहौल है।
पंचायत चुनाव में संभावित देरी को देखते हुए इस फैसले को मंजूरी मिलने के बाद प्रधानों ने इसे गांवों के विकास के लिए बड़ा फैसला बताया है।
प्रधानों का कहना है कि अब अधूरे पड़े विकास कार्यों को पूरा करने का अवसर मिलेगा और ग्राम पंचायतों में विकास की रफ्तार नहीं रुकेगी। उनके अधूरे रह गए वादों को छह माह में पूरा किया जाएगा। ऐसे में आगे की राह उनकी कुछ हद तक आसान भी हो सकती है।
महत्वपूर्ण कार्य अधूरे पड़े
गांव में सामुदायिक शौचालय, अन्नपूर्णा भवन, सड़कें आदि अभी कई महत्वपूर्ण कार्य अधूरे पड़े हैं, जिन्हें पूरा करना उनका सपना है। सरकार द्वारा कार्यकाल बढ़ाए जाने से अब गांव में रुके हुए विकास कार्य पूरे हो सकेंगे और ग्रामीणों को इसका लाभ मिलेगा। -सूरजमुखी, पसुआ प्रधान
तेजी से काम करेंगे
पंचायत में स्कूल, शौचालय, सामुदायिक शौचालय और सड़कों का कार्य कराया जा चुका है, लेकिन अभी भी कई विकास योजनाएं अधूरी हैं। अतिरिक्त समय मिलने से गांव को आदर्श ग्राम पंचायत बनाने की दिशा में और तेजी से काम किया जाएगा।
-राजीव आर्या, हरचंदपुर प्रधान
सरकार का फैसला सराहनीय
सरकार का फैसला सराहनीय है। यदि प्रशासक नियुक्त नहीं किए जाते तो कई निर्माण कार्य अधूरे रह जाते। अब प्रधानों को मौका मिला है कि वे चल रहे गालियों, पुलिया, सड़कें आदि विकास कार्यों को पूरा कर गांवों को नई पहचान देंगे।
- सौरभ तिवारी, सांवलिया प्रधान
विकास को गति मिलेगी
सरकार के इस निर्णय से गांवों में बहुमुखी विकास को गति मिलेगी। अधूरे पड़े कार्य पूरे होंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की नई तस्वीर देखने को मिलेगी। गांव के खेल मैदान, सड़कें अन्य कुछ योजनाएं अधूरी थी उन्हें पूरा कराया जाएगा।
-उमा देवी, असजना प्रधान
अच्छा निर्णय लिया
सरकार ने गांव की जिम्मेदारी दोबारा प्रधानों को सौंपकर अच्छा निर्णय लिया है। जनता से किए गए वादों और अधूरे विकास कार्यों को बढ़े हुए समय में पूरा कराया जाएगा।-राजवीर यादव, बसई प्रधान
फोटो -38- सूरजमुखी। संवाद
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