घटना के संबंध में जानकारी देते अधिवक्ता रामरतन कुशवाहा, उनकी पत्नी विमला देवी व मौजूद भाई, बहन, भा
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औरैया। नारायनपुर मोहल्ले में हुए दोहरे हत्याकांड में उस दिन उधर से गुजर रहे अधिवक्ता रामरतन कुशवाहा के पुत्र अजीत कुशवाहा एडवोकेट भी घायल हो गए थे। पीठ में गोली लगने पर उन्हें कानपुर के हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया, अब उनकी हालत में सुधार है।
घायल अधिवक्ता के पिता ने बताया कि पुत्र को गोली लगने की जैसे ही उन्हें जानकारी मिली, उन्हेें ऐसा लगा कि गोली पुत्र को लगी है, लेकिन दर्द उनको हुआ। कहा कि पुत्र के स्वस्थ होकर लौटने के बाद इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने पर विचार किया जाएगा।
पिता अधिवक्ता रामरतन कुशवाहा ने बताया कि पुत्र ने होश मेें आने के बाद बताया था कि घटनास्थल से गुजरते समय अचानक से गोलियां चलने लगीं और सभी लोग भागने लगे। वह भी भागने लगा, इस बीच कब उसको गोली लगी उसे कुछ भी पता नहीं चला।
उन्होंने बताया कि लोगों के अनुसार कुछ दूर चलने के बाद उसका पुत्र जब सड़क पर बेहोश होकर गिर गया तो लोगों ने उसके शरीर से निकल रहे खून को देखकर गोली लगने का अंदाजा लगाते हुए उन्हें जानकारी दी। उनके पुत्र को अस्पताल पहुुंचाया।
जहां अस्पताल पहुंचकर पता चला कि उनके पुत्र के पीठ की तरफ से कंधे के पास से गोली घुसकर आरपार निकल गई है। अधिवक्ता रामरतन कुशवाहा पुत्र के सुरक्षित होने पर भगवान का शुक्र अदा करते हुए कहते हैं कि दिल से सिर्फ दो इंच दूर से गोली आरपार हो जाने से उनका पुत्र सुरक्षित बच सका। उन्होंने बताया कि उनके पुत्र को किसकी गोली लगी है उन्हें नहीं पता।