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गर्मी ने तोड़ा आठ साल पुराना रिकार्ड

Thu, 19 May 2016 12:22 AM IST
Auraiya, Uttar pradesh, India
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भीषण गर्मी से बचने के लिए नहर में लगाई डुबकी - फोटो : amar ujala beuro
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उत्तर-पश्चिम की गर्म हवाआें ने बुधवार को तपिश और उमस का आठ सालों का रिकार्ड तोड़ दिया। बुधवार को अधिकतम तापमान 46.2 डिग्री और न्यूनतम 28.1 डिग्री दर्ज किया गया। सीएसए के मौसम वैज्ञानिक के अनुसार 2008 में पारा 45 तक ही पहुंच पाया था। वातावरण में कम नमी के कारण गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाया। अधिकतम, न्यूनतम पारा चढ़ने से दिन और रात में गर्मी बढ़ी।
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वातावरण में आद्रता कम होने से गर्मी ने झकझोर कर रख दिया है। इस बार गर्मी ने पिछले आठ सालों का रिकार्ड तोड़ दिया है। तेज धूप और तपिश के कारण लोग घरों से निकलने मे कतरा रहे हैं। बुधवार को उमस और तेज धूप ने लोगों को झुलसाने का काम किया। पारा चढ़ने से दिन पर दिन गर्मी बढ़ रही है। सन 2008 में पारा 46 डिग्री ही दर्ज किया गया था। लेकिन मई माह में पारा 46 के पार पहुंच गया है। ऐसे में मौसम वैज्ञानिक पिछले कई सालों का रिकार्ड टूटने का अनुमान लगा रहे हैं। सीएसए के मौसम वैज्ञानिक संदीप दुबे ने बताया कि अधिकतम और न्यूनतम पारे का उतार-चढ़ाव जारी है। मंगलवार की अपेक्षा शुक्रवार को अधिकतम पारा करीब पांच डिग्री सेल्सियस बढ़ गया। इस मौसम में न्यूनतम पारा 28 डिग्री सेल्सियस कभी नहीं गया था। यह अब तक का सर्वाधिक है।

बुधवार रहा सबसे गर्म दिन
मौसम वैज्ञानिक संदीप दुबे के अनुसार बुधवार का दिन सबसे गर्म रहा है। बुधवार को अधिकतम पारा 46.2 जबकि न्यूनतम पारा 28.1 दर्ज किया गया है। जो कि इस साल गर्मी का सबसे अधिकतम तापमान रहा है।
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2011 से अब तक 18 मई का पारा
 वर्ष      अधिकतम       न्यूनतम
2011      38.2         26.4
2012      39.5         26.2
2013      39.8         25.8
2014      40.5         24.2
2015      42.3         22.3
2016      46.2         28.1

धूप से बचें
औरैया। भीषण गर्मी से बचाव के लिए डा. शत्रुघ्न कटियार ने बताया कि ऐसी स्थित में प्रतिदिन ग्लूकोज पीते रहना चाहिए। धूप से बचाव के लिए तोलिया व छतरी का प्रयोग हर समय करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस गर्मी से बच्चों को धूप से बचाकर रखना चाहिए। बच्चों में पानी की कमी न होने दें। जरा सी लापरवाही उनके लिए संक्रामक बीमारियां फैला सकता है।
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