फोटो-26एयूआरपी07- जिलाध्यक्ष पुष्पक शुक्ला का फूलमाला से स्वागत करते पदाधिकारी। स्रोत:आयोजक
बिधूना। डंपिंग यार्ड भर जाने पर सफाई कर्मचारी नगर से निकलने वाला कूड़ा खुले मैदान में डाल रहे हैं। इससे कूड़े में आग लगने से आसपास के क्षेत्र में धुआं फैल रहा है जो लोगों को सांस लेने में दिक्कत कर रहा है। आरोप है कि रोजाना सुबह सफाई कर्मी खुद कूड़ा खुले में फेंककर चले जाते हैं ताकि उन्हें यह कूड़ा उठाकर दूसरी जगह न ले जाना पड़े। इसके बाद कूड़े में आग लग जाती है।
नगर पंचायत क्षेत्र के 15 वार्डों से प्रतिदिन करीब सात से आठ मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। पहले यह किशनी मार्ग स्थित रोडवेज के पास बने डंपिंग यार्ड में डाला जाता था। करीब चार वर्ष पूर्व यार्ड भर जाने के बाद से अब कूड़ा तहसील व आईटीआई के पीछे पड़े मैदान पर खुले में डाला जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्लास्टिक की पन्नियां हवा से उड़कर बस्ती में चली जाती हैं। इससे परेशान होकर कुछ लोग कूड़े में आग लगा देते हैं। इससे लगातार धुआं फैलता रहता है।
यह स्थिति एनजीटी के नियमों का उल्लंघन भी है जबकि कुछ दूरी पर आईटीआई स्कूल व तहसील भी स्थित है। स्थानीय लोगों ने बताया कि रविवार सुबह आंबेड़कर प्रतिमा के पास सफाई कर्मी द्वारा खुद कूड़ा जलाया गया। इससे धुआं उठता रहा और जब सुबह लोग सड़कों पर टहलने को पहुंचे तो उन्हें धुएं से दिक्कत का सामना करना पड़ा। नगर पंचायत कर्मचारियों ने बताया कि कई बार कूड़े में लगी आग बुझाई जा चुकी है लेकिन कुछ दिनों बाद फिर वही हाल हो जाता है।
नगर पंचायत अध्यक्ष आदर्श मिश्रा ने बताया कि पुराने डंपिंग यार्ड में पड़ा कूड़ा अब मिट्टी में तब्दील हो चुका है यदि प्रशासन अनुमति दे, तो उस मिट्टी को हटाकर नया कूड़ा वहीं डाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि कूड़े में लगी आग को बुझाने के लिए जल्द कार्रवाई की जाएगी। बताया कि दो बार फायर सर्विस की गाड़ी मंगवाकर आग को बुझाया जा चुका है। अगर कोई सफाई कर्मी की कूड़ा जलाने शिकायत मिली तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फोटो-26एयूआरपी07- जिलाध्यक्ष पुष्पक शुक्ला का फूलमाला से स्वागत करते पदाधिकारी। स्रोत:आयोजक