फफूंद। क्षेत्र के गांव नरिया का पुरवा में नाले पर बनी पुलिया आठ साल से टूटी पड़ी है। इससे किसानों और ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खेतों तक पहुंचने के लिए किसान जान जोखिम में डालकर बिजली के खंभे (सीमेंटेड) के सहारे आवागमन करने के लिए मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के बाहर बने नाले से आसपास के दर्जनों गांवों के बरसात के पानी की निकासी होती है। आठ साल पहले इसकी पुलिया टूट गई थी। इसकी अभी तक मरम्मत नहीं कराई गई है। किसान कृष्णकांत राजपूत, राजकिशोर, नीरज कुमार, ब्रजकिशोर, स्वयंवर नागर, महेश बाबू, सोनू दोहरे, योगेंद्र सिंह ने बताया कि कोई सुनवाई नहीं हो रही है। लोगों ने कहीं से टूटा पड़ा बिजली का सीमेंटेड खंभा पुलिया के ऊपर रख दिया है। यहां से गुजरने का यही एक साधन है।
वहीं, चरन सिंह, मान सिंह, श्रवण कुमार, सौरभ, सोनू व संतोष कुमार ने बताया कि कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई। रात के समय खेत से लौटते समय कई किसान पुलिया पार करते हुए नाले में गिरकर घायल हो चुके हैं। इनमें महिला किसान मिथिला देवी और महेश के फ्रैक्चर हो चुका है। पुलिया टूटने से ट्रैक्टर और कृषि यंत्र भी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे करीब छह किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है।
जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द पुलिया का निर्माण नहीं कराया गया तो वह धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
अगर पुलिया ग्राम पंचायत की सीमा में है तो उसका प्रस्ताव स्वीकृत कराते हुए निर्माण कराया जाएगा। वहीं, सिंचाई विभाग से संबंधित मामला होने पर पत्राचार किया जाएगा।- डॉ. आदित्य तिवारी, बीडीओ भाग्यनगर