सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला ओमनगर में बुधवार को राजकीय ठेकेदार ने अपनी बोलेरो कार में पिस्टल से कनपटी में गोली मारकर खुदकुशी कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एएसपी नैपाल सिंह व सीओ सिटी श्यौदान सिंह ने घटना स्थल पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली। पुलिस आसपास के कैमरों के फुटेज खंगाल रही है।
इटावा जिले के लवेदी थाना क्षेत्र के गांव जैतपुरा निवासी अमित उर्फ अवनीश तिवारी (38) पुत्र सुभाष तिवारी शहर के ओम नगर में किराये के मकान में रहते थे। बुधवार को मकान से चंद कदम के फासले पर एक प्लाट में खड़ी अपनी बोलेरो कार में देसी पिस्टल से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। बताते हैं कि घटना की जानकारी उधर से निकल रही एक लड़की की नजर बोलेरो पर पड़ने से हुई। इस पर उसने परिजनों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही मोहल्ले के तमाम लोग वहां जमा हो गए। इस बीच किसी ने पुलिस को फोन से सूचना दी। इंस्पेक्टर विनोद कुमार शुक्ला ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल की। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर सही वजह पता चल सकेगी। वहीं, पत्नी प्रियंका ने बताया कि पीडब्ल्यूडी में क ाफी भुगतान बकाया था, इससे उनके पति परेशान रहते थे।
पीडब्ल्यूडी से भुगतान में देरी से परेशान था ठेकेदार
औरैया। सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला ओमनगर में राजकीय ठेकेदार की मौत के मामले में पत्नी ने पीडब्ल्यूडी से कराए गए कामों के भुगतान में देरी का कारण बताया है। पुलिस के मुताबिक इस बिंदु को भी जांच में शामिल किया जाएगा। पुलिस ने गाड़ी की सीट पर रखी देसी पिस्टल व मोबाइल को कब्जे में ले लिया है। पुलिस को मौके पर बोलेरो कार का ड्राइवर साइड का शीशा टूटा व शीशे के ऊपर बाडी में छेद मिला।ओमनगर में बुधवार की शाम लगभग 4 बजकर 40 मिनट पर राजकीय ठेकेदार अमित उर्फ अवनीश तिवारी पुत्र सुभाष चौधरी का पुलिस ने बोलेरो कार से लहूलुहान अवस्था में शव बरामद किया। इंस्पेक्टर विनोद कुमार शुक्ला व सीओ सिटी श्यौदान सिंह ने बताया कि मृतक की पत्नी प्रियंका के मुताबिक पति इटावा क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी में ठेकेदारी करते थे। काफी दिनों से भुगतान नहीं हो पा रहा था। इससे वह तनाव में रहते थे। ओमनगर के पास एक प्लाट खरीदा था। इस पर मकान का निर्माण कार्य चल रहा था। बुधवार दोपहर पति अवनीश से बात करने के बाद वह लगभग 12:30 बजे प्लाट पर चल रहे निर्माण कार्य को देखने चली गई। शाम को कार में गोली लगने से मौत होने की सूचना मिली। वहीं मौके से बरामद पिस्टल को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस ने बताया कि पिस्टल देसी है। यह मृतक राजकीय ठेकेदार के पास कहां से आई, इसकी जांच की जाएगी।
सुबह हुई थी मुलाकात
औरैया। मृतक अवनीश के दो पुत्र हैं। बड़ा पुत्र देव तिवारी (7) व छोटा सोम तिवारी लगभग दो साल का है। देव तिवारी ने बताया कि सुबह वह स्कूल जा रहा था। तब पापा से मुलाकात हुई। वह स्कूल से लौटा तो पिता घर पर नहीं थे। वहीं मासूम सोम को यह भी नहीं पता कि पिता अब दुनिया में नहीं हैं।
फोरेंसिक टीम ने लिए नमूने
औरैया। घटना को लेकर पुलिस सतर्कता बरत रही है। कोतवाली पुलिस ने हकीकत खुलासा करने के लिए फोरेंसिक टीम की मदद ली है। फोरेंसिक टीम ने मौके से फिंगर प्रिंट लिए।
फोटोकॉपी इंजीनियर बतौर की शुरुआत
औरैया। राजकीय ठेकेदार अवनीश तिवारी ने अपने कैरियर की शुरुआत फोटो कॉपी मशीन के इंजीनियर के तौर पर की थी। बाद में ठेकेदारी का लाइसेंस बनवाकर काम शुरू कर दिया।