नारेबाजी करते संविदा स्वास्थ्य कर्मी।
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विगत 13 मार्च को लखनऊ में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को स्वास्थ्य मिशन के सभी संविदा कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इससे जिले भर के स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गईं। इसके चलते अस्पतालों में मरीजों की जांच सेवाएं प्रभावित रहीं। वहीं टीकाकरण अभियान की संचालित नहीं हो सका।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मियों की नौ सूत्रीय मांगों को लेकर संविदा कर्मचारी विगत कई दिनों से संघर्ष कर रहे हैं। संघर्ष के दौरान स्वास्थ्यकर्मी अपनी मांगों को लेकर प्रदेश की राजधानी के लक्ष्मण मेला पार्क में धरने के माध्यम से अपनी मांगें बुलंद कर रहे थे। जिसको लेकर पुलिस ने स्वास्थ्यकर्मियों पर लाठीचार्ज किया। मारपीट के दौरान कई संविदा स्वास्थ्यकर्मी घायल हो गए थे। लाठी चार्ज के विरोध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मी हड़ताल पर चले गए।
इसके कारण जिले भर में मरीजों को समस्याओं से सामना करना पड़ रहा है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण नवजात बच्चों का टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांचें, प्रसव केंद्र पर प्रसव सुविधा, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम समेंत तमाम स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो गई है। वहीं प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अध्यक्ष डा. सोमदत्त प्रजापति ने कहा कि जब तक हमारी नौ सूत्रीय मांगें नहीं मानी जाएगी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।
यह है मांगें
* संविदा कर्मियों का नियमितिकरण
* नवीनीकरण प्रक्रिया समाप्त हो
* समान कार्य समान वेतन
* 10 लाख का दुघर्टना बीमा
* आउट सोर्सिंग के माध्यम से नियुक्ति समाप्त हो
* पीसीएफ की सुविधा
* रिजवी कमेटी की संस्तुति