औरैया। मेडिकल कॉलेज में स्टाफ की कमी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि मरीज को डॉक्टर अल्ट्रासाउंड तो लिख देते हैं, लेकिन नंबर आने में 20-25 दिन का समय लग रहा है। ऐसे में मरीजों को समय से इलाज नहीं मिल पाता है। कर्मचारियों का कहना है कि जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में तो तब्दील कर दिया गया पर न स्टाफ बढ़ा न संसाधन, जिसके चलते ही मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अल्ट्रासाउंड कक्ष में तैनात स्टाफ की माने तो रोजाना महज 40-50 मरीजों के ही अल्ट्रासाउंड हो रहे हैं जबकि जांच के लिए आने वाले मरीजों की संख्या 70-80 है। ऐसे में एक अल्ट्रासाउंड की मशीन और स्टाफ की आवश्यकता है ताकि किसी मरीज को बिना जांच के लौटना न पड़े। शनिवार को अल्ट्रासाउंड के लिए पहुंचे मरीजों को दिसंबर की तारीखें दी गई हैं। तारीख पाते ही उनके चेहरे पर चिंता की लकीरें दिखने लग जा रही है।
अल्ट्रसाउंड कक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहीं जेआर डॉ. सरोज यादव के मुताबिक एक अल्ट्रासाउंड में कम से कम 15 मिनट का समय लगता है। विधिवत एक-एक मरीज की रिपोर्ट मैनुअल बनती है। रिपोर्ट बनाने में भी पांच मिनट का समय लगता है। यदि कंप्यूटर आधारित जांच रिपोर्ट तैयार हो तो समय की बचत होगी। लेकिन सुबह से लेकर शाम तीन बजे तक अल्ट्रासाउंड लगातार होते रहते हैं। विधिवत जांच के बाद 40-50 तक ही यह आंकड़ा पहुंच पा रहा है।
अल्ट्रासाउंड कराने के लिए स्टाफ की ओर से दी जा रही तारीखें फिलहाल दो दिसंबर तक की है। जिसमें रोजाना 15 से 17 मरीजों को प्रत्येक दिन के लिए तारीख दी गई है। ऐसे में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए 300 के करीब मरीजों को तारीखें बांटी जा चुकी हैं।
पढ़ीन गांव निवासी नेहा ने बताया कि उन्हें डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा है। पैथोलॉजी में पहुंचने पर स्टॉफ ने दो दिसंबर को अल्ट्रासाउंड के लिए आने की तारीख दी है। ऐसे में अब एक माह का इंतजार करना होगा।
मुरादगंज निवासी संध्या ने बताया कि डॉक्टर के परामर्श वो अल्ट्रासाउंड कराने आई हैं। लेकिन यहां पर दो दिसंबर की तारीख थमा दी गई है। बिना अल्ट्रासाउंड जांच के डॉक्टर भी क्या इलाज कर पाएंगे
अल्ट्रासाउंड को लेकर तारीखों का मामला संज्ञान में आया है। समय से मरीजों के अल्ट्रासाउंड हो इसे लेकर स्टाफ को अवगत करा दिया गया है। स्टाफ व संसाधनों की कमी को पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है
-डॉ. जसवंत रत्नागर, सीएमएस मेडिकल कॉलेज