औरैया। कच्चे कमरे की छत गिरने से दो बहनों व उनकी दादी की मौत के बाद जिला प्रशासन ने जल्द मुआवजे की राहत राशि खाते में पहुंचाने का दावा किया था।
पीड़ित के खाते में शुक्रवार शाम तक राहत राशि नहीं पहुंची। वहीं, गुरुवार शाम पोस्टमार्टम के बाद तीनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। सदर कोतवाली के गांव जैतापुर निवासी मजदूर सुनील अपनी मां रामवती (70) पत्नी राम गोपाल, पत्नी अंजली, बेटी मुस्कान (11), पूर्वी (9) व इकलौते बेटे वीर (5) के साथ एक घर में रहते थे।
बुधवार को सभी ने एक साथ खाना खाया। इसके बाद कच्चे कमरे में सुनील उनकी पत्नी अंजली व मां रामवती के साथ बैठकर टीवी देख रहे थे। पूर्वी व तनवी बगल में लेटी थीं। इस दौरान बेटा वीर पिता का मोबाइल लेकर कमरे के बाहर भागा तो उसे पकड़ने को पिता सुनील व मां कमरे के बाहर आ गईं।
इसी दौरान एकाएक कच्चे कमरे की छत भर-भराकर गिर गई। मलबे में दबने से रामवती, बेटी मुस्कान व पूर्वी की मौत हो गई। घटना के बाद जिला प्रशासन की ओर से 24 घंटे में आर्थिक मदद का दावा किया गया था। सुनील का कहना है कि शुक्रवार शाम सात बजे तक उनके खाते में राहत राशि नहीं पहुंची।
वहीं घटना के बाद अभी भी घर में माहौल गमगीन बना हुआ है। इटावा सांसद जितेंद्र दोहरे गांव पहुंचे। पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। नायब तहसीलदार प्रकाश चौधरी ने बताया कि 12 लाख रुपये मुआवजे की राशि खाते में डालने के लिए तहसील स्तर से प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जल्द राशि पीड़ित के खाते में पहुंच जाएगी। आवास व अंत्योदय कार्ड के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं।