अजीतमल। पांच नदियों के संगम पचनद पर प्रवासी पक्षियों के कलरव से वातावरण सुहाना हो गया है। इससे दर्शकों के लिए यह रमणीक पर्यटन स्थल में बदल गया है।
यमुना, चंबल, सिंधु, पहुज और क्वारी नदियों के संगम स्थल पर मौसम का मिजाज बदलते ही प्रवासी पक्षियों का आगमन शुरू हो जाता हैं। मेहमान परिंदे साइबेरिया, कजाकिस्तान, तुर्किस्तान, नवाया, जेम्लया, कोलंबिया, चीन व श्रीलंका आदि से हर साल पंचनद को गुलजार करने आते हैं।
पंचनद क्षेत्र में आने वाले प्रवासी पक्षियों में सोवलर, रेडकिड, कोर्डर, स्पोविल्डर्स, गार्गेनी, मर्गेनियर, एनोसिट, कोमनक्रीन, डेमे सिलक्रीन, वेल ग्रीन टेल फ्लोवर, स्नाइफ, बेरहसी, फ्लोवर, लिटिल, वारहेंडिड, स्पूल विलहॉर्न आदि प्रमुख हैं। इनमें की लाल टोपी वाले और हरी गर्दन वाले परिंदे ज्यादा हैं।
सोसाइटी फाॅर कंजरर्वेशन ऑफ नेचर विविधता कार्यक्रम के विशेषज्ञ डाॅ. राजीव चौहान ने बताया कि प्रवासी पक्षी नवंबर से मार्च तक पंचनद में डेरा जमाए रहते हैं। समाज सेवी सुबीर त्रिपाठी व चंद्रहास पांडेय बताते हैं कि यदि यह इलाका पर्यटन स्थल बन जाए तो जनपद के बीहड़ इलाके का बहुमुखी विकास हो सकता है।