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ठिठुरन बढ़ी, रैन बसेरा का पता नहीं

Sun, 26 Nov 2017 11:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/औरैया
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अस्पताल के रैन बसेरे में भरा कबाड़। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मौसम में बदलाव के बाद अचानक रात में ठिठुरन बढ़ गई है। शहर में आने वाले व शहर में देर रात रुकने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, नगर पालिका की ओर से अभी तक लोगों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। पिछले वर्ष अब तक रैन बसेरे स्थापित हो चुके थे।
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शाम होते ही सर्दी का प्रकोप बढ़ जाता है। रात होते ही ठिठुरन बढ़ जाती है। यात्रियों को वाहन के इंतजार में दिक्कत हो रही है। मगर प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। नगर पालिका की माने तो शहर में हर वर्ष तीन रैन बसेरे स्थापित किए जाते हैं। मगर इस वर्ष अभी तक एक भी रैन बसेरा नहीं खोला गया है। इससे देर रात सफर करने वाले यात्रियों को दिक्कत हो रही है।

शहर में तहसील के समीप, रोडवेज बस स्टैंड व जालौन चौराहे पर रैन बसेरा खोला जाता रहा है, लेकिन इस वर्ष रैन बसेरा नहीं खोला गया है। इस संबंध में ईओ संजय कुमार ने बताया कि रैन बसेरे की जल्द व्यवस्था की जाएगी। शहर में तीन जगहों पर रैन बसेरे की व्यवस्था की जाएगी।
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अस्पतालों के रैन बसेरे में अव्यवस्था आलम
जिले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर जिला अस्पताल में 12 माह रैन बसेरे की व्यवस्था होती है। अधिकतर जगहों पर अव्यवस्था के चलते वहां पहुंचने वाले तीमारदारों को भारी मुसीबत होती है। मगर अस्पताल प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं देते हैं। जिले के ग्रामीण अंचलों में स्थित अस्पतालों में रैन बसेरे की स्थिति बेहद नाजुक है। साथ ही शहर के जिला अस्पताल में भी तीमारदारों के रुकने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। इससे रात में रुकने वालों को मुसीबत हो रही है।

रैन बसेरा के लिए नगर पालिका को निर्देशित किया जाएगा। अस्पताल के रैन बसेरा के लिए भी उच्चाधिकारियों से बात कर उसे दुरुस्त किया जाएगा। - अमित राठौर, एसडीएम सदर
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