फफूंद (औरैया)। अछल्दा मार्ग पर गांव सैनपुर के पास एक तेज रफ्तार कार रविवार रात करीब एक बजे बिजली के खंभे से टकराकर तालाब में गिर गई।
हादसे में चाचा-भतीजे की मौके पर मौत हो गई। जबकि महिला समेत दो घायलों को सीएचसी दिबियापुर से मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। अछल्दा के गांव बघईपुर निवासी गोलू शंखवार (28) व खुमानपुर निवासी रिश्ते में चाचा सर्वेश (32) अपने बहनोई रामपाल के साथ रविवार को कार से कानपुर देहात के थाना रूरा के गांव लक्ष्मणपुर गए थे।
लक्ष्मणपुर स्थित ससुराल से गोलू अपनी गर्भवती पत्नी संतोषी को लेने के बाद रात करीब 12 बजे घर के लिए निकला था। रात में एक बजे के करीब अछल्दा रोड पर फफूंद के गांव सैनपुर के पास कार अचानक बिजली के खंभे से जा टकराई। इसके बाद बेकाबू होकर तालाब में जा गिरी। पानी भरने से कार सवार अंदर फंस गए।
इस दौरान कार की टक्कर से बिजली का खंभा टूट कर गिरने की आवाज से गांव के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने तालाब में पलटी पड़ी कार को निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए। बाद में लोगों ने ट्रैक्टर से बांधकर कार को बाहर खींचा। तब जाकर कार के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। इस दौरान भतीजे गोलू व उसके चाचा सर्वेश की मौत हो चुकी थी।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने गोलू की पत्नी संतोषी व सर्वेश के बहनोई रामपाल को दिबियापुर सीएचसी पहुंचाया। वहां से उन्हें चिचौली मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश पाल ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घायलों का उपचार कराया जा रहा है।
ग्रामीणों की सूझबूझ से बच गईं पत्नी और रिश्तेदार की जान
गांव सैनपुर निवासी ध्रुव सिंह, रघुवीर, सुनील, मनोज यादव ने बताया कि बिजली के खंभे से टकराने की आई आवाज के बाद वह लोग मौके पर पहुंचे थे। कार तालाब में पलटी पड़ी थी। एक युवक का सिर बाहर की तरफ लटका दिखाई दे रहा था। कार को बाहर निकालने के लिए ग्रामीण तालाब में घुस गए। गहराई ज्यादा होने की वजह से वह असफल रहे। बाद में ट्रैक्टर से बांधकर कार को बाहर निकाला गया। जिससे महिला समेत दो की जान बच गई।
नौ माह पहले हुई गोलू की शादी, तीन माह की गर्भवती है पत्नी
गांव खुमानपुर निवासी गोलू के दोस्त शशांक ने बताया कि गोलू की नौ माह पहले ही शादी हुई थी। उसकी पत्नी तीन माह की गर्भवती है। कुछ दिन पहले वह मायके गई थी। रविवार को खेत में पौध लगाने के बाद गोलू शाम को घर से निकाला था। परिजनों को नहीं पता था कि दूसरे दिन वह जिंदा घर नहीं आएगा। गोलू चार भाइयों में तीसरे नंबर का था।
डेढ़ साल की है सर्वेश की बच्ची
सड़क हादसे में मरे गोलू व सर्वेश गांव में खेती-किसानी करते थे। सर्वेश दो भाई व दो बहनों में दूसरे नंबर का था। उसकी भी करीब दो साल पहले शादी हुई थी। उसके एक डेढ़ वर्ष की बच्ची है। परिवार में दो की मौत से परिजन बेहाल हैं।