लॉकडाउन धूमधाम से विवाह करने में बाधक तो जरूर बना लेकिन सात फेरे लेने से नहीं रोक सका।
विवाह बंधन के इस उत्सव में न तो बैंडबाजा था और न ही बराती। दूल्हे संग चार लोग और कन्या पक्ष से पिता, चाचा, दीदी और पंडित। सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए वर-वधू ने मंत्रोच्चारण के बीच मंडप के सात फेरे लिए। इस दौरान सभी मास्क पहने रहे।
बिधूना विकास खंड क्षेत्र के कस्बा रुरुगंज निवासी कृष्ण मुरारी की पुत्री सोना की शादी उमरैन (एरवाकटरा) निवासी फूल सिंह के पुत्र सत्यवीर के साथ तय हुई थी। तभी औरैया जिले में भी लॉकडाउन लागू हो गया।
लॉकडाउन लागू होने के चलते दोनों परिवारों में सभी तैयारियां पूरी होने के चलते ऊहापोह की स्थिति बन गई।
ऐसे में दोनों परिवारों ने आपसी वार्ता में हुई सहमति के बाद धूमधाम से शादी न करके सिर्फ चंद जिम्मेदार परिजनों की मौजूदगी में ही विवाह संपन्न कराया जाना तय किया।
निर्धारित तिथि 1 मई शुक्रवार की शाम वर सत्यवीर अपने पिता, भाई व कार चालक के साथ कस्बा रुरुगंज पहुंच गया।
जहां कन्या पक्ष की ओर से पिता, चाची व दीदी नेहा ने उनका सादगीपूर्ण स्वागत किया। कस्बा रुरुगंज निवासी पं. अनिरुद्ध तिवारी ने शादी की रस्में पूरी कराई।
इस दौरान दुल्हा व दुल्हन ने सोशल डिस्टेंस नियम का पालन करते हुए मंडप के सात फेरे लगाए।
वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न होने के दौरान दोनों ने मास्क पहन रखा था। शादी की रस्में पूरी करने के बाद शनिवार की सुबह दुल्हन की विदाई हो गई।