औसान सिंह के पैतृक गांव में गमगीन बैठे ग्रामीण और परिजन।
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चंडीगढ़ में सीआरपीएफ की 51 बटालियन में तैनात औसान सिंह को उनकी बटालियन के साथ जम्मू कश्मीर के उड़ी में हुए आतंकी हमले के दौरान भेजा गया था। यहां अटैक पड़ने के बाद उन्हें चंडीगढ़ के अस्पताल में भर्ती कराया गया। बुधवार को औसान सिंह ने अंतिम सांस ली। इधर परिजनों को गोली लगने से घायल की सूचना मिली तो वह चंडीगढ़ रवाना हो गए। देर रात सैनिक के पैतृक गांव रुरुखुर्द मौत की सूचना आई तो शोक की लहर दौड़ गई। शुक्रवार को रुरुखुर्द में अंत्योष्टि की जाएगी।
रुरुखुर्द निवासी औसान सिंह यादव पुत्र सोबरन सिंह चंडीगढ़ में सीआरपीएफ की 51 बटालियन में तैनात थे। जम्मू के उड़ी में हुए आतंकी हमले के बाद सीआरपीएफ की बटालियन को वहां भेजा गया। बटालियन ने आतंकियों से मोर्चा लिया। बुधवार की सुबह औसान सिंह को हार्ट अटैक पड़ गया। इस पर औसान सिंह को चंडीगढ़ के अस्पताल में एडमिट कराया गया। उपचार के दौरान सुबह दस बजे के करीब औसान सिंह ने दम तोड़ दिया। परिजनों को औसान सिंह केे उड़ी में घायल होने की सूचना मिली तो वह आनन-फानन में चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गए। मृतक की पत्नी शीला अपनी बेटी व बेटे के साथ भरथना में रहती हैं। वह भी चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गईं।
इधर बुधवार की देर रात रुरुखुर्द में औसान सिंह की मौत की खबर आई तो कोहराम मच गया। गांव में हर कोई गमगीन हो गया। जिला प्रशासन को भनक लगी तो अधिकारी जानकारी करने में जुट गए। देर रात तक डीएम पूरे मामले की जानकारी जुटाते रहे। गुरुवार की सुबह डीएम के बाला जी ने बताया कि उनकी सीआरपीएफ कमाडेंट से बात हुई है। रिपोर्ट आ गई है। जवान की हार्ट अटैक से मौत होना बताया गया है। वह शासन को इसकी सूचना भेज रहे हैं।