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दिखाए सूरज ने तेवर, छूटा पसीना

Sat, 09 Jan 2016 12:34 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, औरैया
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पूष के महीना में हाड़ कपा देने वाली सर्दी सूरज के तेवर के आगे ठंडी पड़ गई है। दिन का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस को भी पार कर गया है। मौसम में आई इस तब्दीली के कारण लोगों ने दिन में स्वेटर और जैकेट से दूरी बना ली है। हालांकि चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक 10 व 11 जनवरी तक तापमान में गिरावट की बात कर रहे हैं।
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 जिले में शुक्रवार की सुबह से हल्की बदली छाई रही। बदली रहने के कारण जिले के कुछ स्थानों पर लोग तेज धूप से बचे रहे लेकिन गर्मी ने उन्हें भी बेहाल किया। हालत यह रही कि 12 बजे तक उमस अधिक हो जाने से लोग अपना हाफ स्वेटर भी उतारने को मजबूर हो गए।
स्कूलों में भी बच्चे हाफ शर्ट पहने नजर आए। गर्मी ने लोगों का पसीना छुड़ा दिया। शुक्रवार को जिले में अधिकतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 13.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय के  वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डा. सीवी सिंह ने बताया कि अभी पछुआ हवाएं चल रही हैं। 10 व 11 जनवरी को उत्तर पश्चिमी हवाओं का रुख होने से तापमान में गिरावट 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आएगी।
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जनवरी माह में गर्म कपड़ों का बाजार हमेशा गर्म रहा है। लेकिन इस बार बाजार का रुख मौसम की मार से बदल गया। जनवरी के महीने में 24 डिग्री तक पहुंच रहे तापमान से सभी हैरान हैं। हालत यह है कि बाजारों में ऊनी कपड़ों के दुकानदार, हीटर, ब्लोवर आदि का बाजार ठंडा है।

सभी को अभी भी सर्दी के एक झटके का इंतजार है। दुकानदार सत्येंद्र अवस्थी कहते हैं कि उन्होंने इस बार एक लाख रुपये से अधिक के गर्म कपड़े खरीदे थे। मौसम को देखकर ऐसा लगता है कि मूलधन तक निकलना मुश्किल हो जाएगा। वहीं, इलेक्ट्रानिक सामान के दुकानदार गोपाल मिश्रा कहते हैं कि उन्होंने रूम हीटर, ब्लोवर, गीजर आदि का डेढ़ लाख से अधिक का माल भरा है। सर्दी के मौसम में भी गर्मी होने से बिक्री इतनी कम है कि लागत निकलनी मुश्किल है।

खेतों में गेहूं की बुवाई कर चुके किसान गर्मी को लेकर परेशान हैं। मौसम ठंडा न हुआ तो किसानों को गेहूं उत्पादन में नुकसान उठाना पड़ सकता है। औरैया शहर के प्रगतिशील किसान विजय शुक्ला बताते हैं कि गेहूं की बुवाई के समय तापमान जितना कम होगा गेहूं की पैदावार उतनी ही अच्छी होगी।

इधर, गर्मी से गेहूं की पौध कमजोर हो जाएगी। जिसका सीधा असर अप्रैल माह में गेहूं की कम पैदावार के तौर पर दिखेगा। किसान सुखदेव यादव कहते हैं कि अभी भी 15 दिन तक मौसम ठंडा हो जाए तो गेहूं बच सकता है। लेकिन हालात देखकर ऐसा नहीं लग रहा है।
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