बिधूना। कस्बे सवारी वाहन इन दिनों मालवाहक वाहन बन गए है। प्रशासनिक अधिकारियों के तमाम प्रयासों के बाद भी इन वाहनों के चालक यातायात नियमों का पलीता लगाते नजर आ रहे हैं। सुबह के समय सब्जियां भरकर और इसके बाद क्षमता से अधिक माल ढोते नजर आ रहे हैं।
नियमों को ताक पर रखकर सवारी की जगह सामान की ढुलाई ऑटो व ई-रिक्शा में इन दिनों देखने को मिल रही है। ई-रिक्शा से लेकर ऑटो में लदे सामान इसकी बानगी दे रहे हैं। इन्हें रोकने-टोकने के अलावा चालान के दायरे में भी नहीं लाया जा रहा है। यही वजह है कि पूरे दिन यह वाहन सड़क पर फर्राटा भरते नजर आते हैं।
चौराहों व नाकों पर तैनात पुलिस इन्हें रोकने की जहमत तक नहीं उठा रही है। जबकि ऐसे वाहनों के चालक को यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी किया गया है। इन पर सख्ती के साथ ही मनमानी पर लगाम कसने की जरूरत है। ऑटो व ई-रिक्शा में अधिकतम चार सवारियां बैठाने तक की छूट होती है। लेकिन ऑटो व ई-रिक्शा चालक यहां मुनाफे के चक्कर में दो गुनी सवारियां बैठा रहे हैं। यातायात पुलिस इन्हें देखने के बाद भी अनदेखा कर रही है।