औरैया। जिले में हार्टअटैक के मरीजों के लिए अभी तक कोई विशेषज्ञ उपचार व्यवस्था नहीं है। इसके बावजूद, सरकार की पहल पर स्वास्थ्य विभाग ने हृदय संबंधी उपचार में बड़ी राहत दी है। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में 40 हजारी टेनेक्टाप्लेस इंजेक्शन से चार हार्टअटैक मरीजों की जान बचाई गई है।
इन मरीजों को बाद में कानपुर रेफर किया गया, पर समय पर इंजेक्शन लगने से उनकी जान बच गई। 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है, जब हृदय संबंधी बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाई जाती है। चिचौली स्थित मेडिकल कॉलेज में अभी हृदय रोग विभाग की सुविधाएं नहीं हैं। फिर भी, हार्टअटैक के मामलों में स्वास्थ्य सेवाओं ने मजबूती पकड़ी है। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में ईसीजी और 40 हजारी टेनेक्टाप्लेस इंजेक्शन निशुल्क उपलब्ध हैं। यह इंजेक्शन लगाने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख की व्यवस्था भी है। कानपुर स्थित हृदय रोग संस्थान के विशेषज्ञ डॉक्टर जिले में ही हार्टअटैक मरीजों को उपचार सुविधा दे रहे हैं। टेक्नीशियन ईसीजी जांच करते हैं और व्हाट्सएप ग्रुप से रिपोर्ट विशेषज्ञों को साझा करते हैं, जिसके बाद इंजेक्शन लगाया जाता है।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में हार्टअटैक के मरीजों के लिए ईसीजी जांच उपलब्ध है। टेक्नीशियन द्वारा मरीज की ईसीजी जांच की जाती है। जांच रिपोर्ट को व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये कानपुर के विशेषज्ञ डॉक्टरों को भेजा जाता है। विशेषज्ञों की सलाह और देखरेख में टेनेक्टाप्लेस इंजेक्शन मरीज को निशुल्क दिया जाता है।
जिले में विशेषज्ञ उपचार व्यवस्था न होने के बावजूद यह इंजेक्शन महत्वपूर्ण है। 40 हजारी टेनेक्टाप्लेस इंजेक्शन ने चार मरीजों की जान बचाने में सफलता हासिल की है। समय पर इंजेक्शन लगने से मरीजों को तत्काल राहत मिलती है।
ये लक्षण मरीज में दिखें ताे कराएं जांच
- सीने का दर्द गर्दन, जबड़ा, कंधे और पीठ तक जाए।
- सीने में भारीपन, अचानक तेज पसीना, घबराहट होना।
- अनियमित धड़कन, सांस लेने में परेशानी, उल्टी आना।
हृदय को स्वस्थ रखने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
- रोजाना 10 हजार कदम तेज गति से चलें।
- धूम्रपान-शराब से पूरी तरह से बचें।
- फास्टफूड-बाजार के भोजन से पेट न भरें।
- आठ घंटे सोएं, तीन लीटर रोजाना पानी पीएं।
- 30 की उम्र के बाद ईको कराएं।
- सर्दी के दिनों में ब्लड सर्कुलेशन को लेकर जांचें जरूर कराएं।
- बुजुर्गों को ठंड से बचाव करना चाहिए।
वर्जन-
टेनेक्टा प्लेस इंजेक्शन की पर्याप्त उपलब्धता इमरजेंसी में की गई है। ईसीजी मशीन से तुरंत जांच की भी सुविधा है। अभी तक चार लोगों की जान इंजेक्शन से बचाई जा चुकी है। यदि सीने में दर्द उठे तो बिना देरी किए अस्पताल पहुंचे। -डॉ. पवन शर्मा, सीएमएस मेडिकल कॉलेज