गंगा दशहरा पर्व पर गुरुवार को पंचनद से स्नान कर लौट रही सवारियों से भरा टेपों बिरूहुनी रोड पर अनियंत्रित होकर पलट गया। फलस्वरूप उसमें सवार एक व्यक्ति की मौके पर मौत हो गई। वहीं टेपों के नीचे दबने से सात अन्य सवारियां गंभीर रूप से घायल हो गईं।
घायलों को उपचार के लिए सीएचसी अजीतमल में भर्ती कराया गया है। हालत गंभीर होने पर सभी को सैफई रेफर कर दिया गया।
जगदीशपुर निवासी सतनाम, प्रेमनारायण और रामनाथ का परिवार एवं रिश्तेदार गुरुवार को गंगा दशहरा पर्व पर स्नान करने पंचनद आए थे। स्नान कर सभी लोग उसी टेंपो से वापस लौट रहे थे। बिरूहुनी के निकट पूठा रोड पर अचानक टेंपो अनियंत्रित होकर पलट गया।फलस्वरूप टेंपो सवार महेश (20 वर्ष) पुत्र सत्य नारायण की मौके पर मौत हो गई।
वहीं रामऔतार (50) पुत्र दुर्गाप्रसाद, लक्ष्मी नारायण (30) पुत्र पंक्षीलाल, कुसुम देवी (40) पत्नी प्रेमचंद्र, रामबेटी (55) पत्नी करन सिंह, चंद्ररानी (70) पत्नी दुर्गाप्रसाद निवासीगण जगदीशपुर, थाना अजीतमल तथा विद्यादेवी (50) पत्नी रामनाम निवासी बाबरपुर अजीतमल तथा संगीता (30) पत्नी लाखन सिंह निवासी उम्मेदपुर घायल हो गए।।
पुलिस ने मृतक के शव को पंचनामा भरकर शव पेास्टमार्टम के लिए भेजा है।
बोलेरो खड्ड में गिरी, चालक की मौत -अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के हाइवे रोड ग्राम चंदनापुर चौराहे पर गुरुवार सुबह दशहरा पर्व पर श्रद्धालुओं को लेकर आ रही बोलेरो पहिया पंचर होने पर असंतुलित होकर खड्ड में जा गिरी। हादसे में चालक की मौके पर मौत हो गई।
वहीं सात सवारियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायल श्रद्धालुओं को अजीतमल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपचारार्थ भर्ती कराया गया। पुलिस ने मृत चालक के शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
इटावा के ग्राम प्रेमपुरा से कानपुर नगर बिठूर गंगा स्नान कर वापस लौट रही सवारियों से भरी बोलेरो अजीतमल के ग्राम चंदनापुर चौराहे पर अगला पहिया पंचर होने से असंतुलित होकर खड्ड में जा गिरी। इससे चालक दीप सिंह (40) पुत्र नाथूराम यादव निवासी प्रेमपुरा थाना सहसों, इटावा की मौके पर मौत हो गई।
वहीं उसमें सवार श्रद्धालु मौकम सिंह (45), सरोजनी देवी (60), सुनीता (35), मंजू (30), कुन्नू (28) व दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसा होता देख और सवारियों की चीख पुकार घटनास्थल की ओर दौड़े लोगों ने बोलेरो में फंसे लोगों को बाहर निकाला। पुलिस ने हादसे में घायल लोगों को अजीतमल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भर्ती कराया, जहां पर उनका इलाज चल रहा था।