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Auraiya News: 20 नवंबर के बाद तापमान में आएगी गिरावट, बढ़ेगी सर्दी

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औरैया। मौसम वैज्ञानिक जिले में 20 नवंबर के बाद तापमान में गिरावट का आकलन लगा रहे हैं। रविवार को जिले में अधिकतम तापमान 30.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। जबकि हवाएं दक्षिण-पश्चिम दिशा में सात से नौ किलो मीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलीं।
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मौसम विशेषज्ञ डॉ. अनंत कुमार ने बताया कि अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक और न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस अधिक देखने को मिला है। 20 नवंबर के बाद दिन और रात के तापमान में गिरावट के आसार हैं। इसके चलते दिन में भी सर्दी का एहसास होगा। रविवार की सुबह धुंध देखने को मिली। सुबह के समय एक्यूआई 147 दर्ज किया गया है। रात के समय जलाई जा रही पराली के कारण वायु प्रदूषण सुबह के समय अधिक देखने को मिल रहा है। इसका असर 10 बजे तक अधिक देखने को मिलता है।
रात के समय न्यूनतम तापमान गिरावट के कारण धूल और धुएं के कण वायुमंडल में ऊपर नहीं जा पा रहे हैं। रात व सुबह के समय तापमान कम होने के कारण धुंध देखने को मिल रही है, जो दमा के रोगियों के लिए हानिकारक है। डॉ. विशाल अग्निहोत्री ने बताया कि इन दिनों अस्पताल में दमा के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। बताया कि इन दिनों प्रतिदिन लगभग 20 से 25 मरीज दमा के आ रहे हैं। यह संख्या पहले 10 से 12 के करीब ही रहती थी। यही स्थिति आंख के मरीजों की भी देखने को मिल रही है।
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जल रही पराली बिगाड़ रही हवा
दीपावली पर हुई आतिशबाजी के बाद अब किसानों ने अपने खेतों में पराली जलाना शुरू कर दिया है। इससे वायु की गुणवत्ता में लगातार गिरावट आ रही है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो इसकी वजह से एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 147 जा पहुंचा है, जिसे तीन सिगरेट पीने से होने वाले वायु प्रदूषण के बराबर माना जा रहा है। वहीं, वायु की खराब गुणवत्ता का असर अस्पताल में बढ़ रहे आंख के मरीजों से भी लगाया जा सकता है।




इस तरह बरतें सावधानी

घर के बाहर निकलने पर मास्क का प्रयोग करें, दमा रोगी घर से बाहर न निकलें, वाहन चलाते समय चश्मे का प्रयोग करें, खुले में व्यायाम करने से बचें, छोटे बच्चों को घर से बाहर न निकलने दें।



जिले में प्रदूषण स्तर जांचने के नहीं है यंत्र

जिले में प्रदूषण बिगड़ रहा है। इसको जांचने के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय से ही निगरानी होती है। जनपद में उत्तर प्रदेश नियंत्रण बोर्ड का कार्यालय भी नहीं हैं। ऐसे में जिले के लोगों को हवा के प्रदूषित होने की जानकारी नहीं मिल पाती। आंखों में जलन या अधिक समय तक धुंध छाए जाने पर लोग पर गूगल का सहारा लेते हैं।
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हवा की गुणवत्ता व उसका असर

0-50

- अच्छा
51-100 - मध्यम
101-200
- प्रदूषित

201-300
- खराब

301-400
- बहुत खराब

401-500
- गंभीर
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