फोटो-32- छाता लगाकर घर जाते बच्चे। संवाद
बिधूना। एक सप्ताह से पड़ रही उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान कर दिया है। मंगलवार को तापमान में एक डिग्री की गिरावट के बावजूद उमस बरकरार रही।
उधर, धान की खेती करने वाले किसान बारिश न होने से परेशान हैं। वह सबमर्सिबल व ट्यूबवेल से खेतों की सिंचाई कर धान की रोपाई करने को मजबूर हैं।
कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. रामपलट सिंह ने बताया कि मंगलवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सोमवार की तुलना में एक डिग्री कम रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान एक डिग्री बढ़कर 30 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। अगले 24 घंटे में 0.4 मिमी वर्षा की संभावना है। हवा की गति 22 की जगह अब 18 किमी प्रति घंटे के बीच रहने का अनुमान है।
उन्होंने बताया कि न्यूनतम तापमान बढ़ने से उमस में और वृद्धि हुई है। उधर, बारिश न होने पर किसानों का कहना है कि बारिश के अभाव में धान की नर्सरी पीली पड़ने लगी है और खेतों में पर्याप्त नमी नहीं बन पा रही है।
लगातार टयूबवेल से सिंचाई करने से लागत बढ़ रही है। उनका कहना है कि धान की अच्छी पैदावार के लिए बारिश का पानी सबसे अधिक लाभकारी होता है। यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।