फोटो-33- खेतों में धान की रोपाई करते किसान।संवाद
बिधूना। क्षेत्र में बारिश न होने और उमस भरी गर्मी ने आम जनजीवन के साथ किसानों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं।
शनिवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार महज सात किलोमीटर प्रति घंटा रहने से उमस और अधिक महसूस हुई।
कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. राम पलट सिंह ने बताया कि फिलहाल बारिश की संभावना नहीं है। मौसम विभाग ने पिछले तीन दिनों तक बारिश का पूर्वानुमान जारी किया था लेकिन बारिश नहीं हुई। इससे खेतों में धान की रोपाई कर रहे किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिन किसानों के पास सिंचाई की व्यवस्था है, वे महंगे डीजल और बिजली खर्च कर खेतों में पानी भरकर रोपाई करा रहे हैं।
वहीं जिनके पास सिंचाई के साधन नहीं हैं, वे अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। इससे खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। उधर, उमस भरी गर्मी का असर स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। अस्पतालों में जी मिचलाना, चक्कर आना, त्वचा रोग, दस्त और उल्टी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।(संवाद)