शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक 2021 के विरोध में शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय ककोर में प्रदर्शन कर विधेयक की प्रतियां जलाईं। शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार की मंशा शिक्षक व शिक्षणेतर कर्मचारियों के लंबित मामलों का निस्तारण करना नहीं बल्कि मनमानी करना है।
उन्होंने कहा कि विधेयक से कर्मचारियों में निरंकुशता व लेनदेन की प्रवृत्ति बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सुप्रीमकोर्ट भी अधिकरणों की प्रासंगिकता पर टिप्पणी कर चुका है। न्यायालय में अगर लंबित मामले हैं, तो पीठ की संख्या बढ़ानी चाहिए, न कि उसके समानांतर अधिकरण का गठन करना चाहिए।
विधेयक से सभी शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मियों के लिए न्याय के दरवाजे बंद हो जाएंगे। इस मौके पर प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री अरविंद राजपूत, माध्यमिक शिक्षक संघ के मंत्री सादेश्य सिंह सेंगर, प्राथमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील यादव, अशोक भास्कर, त्रिलोक बाजपेई, अजय मिश्रा, छत्रपाल, राजू उपाध्याय नीरज चक, निर्मल पांडे , अभिषेक यादव, अनिल यादव, संजय सेंगर, वीरपाल यादव, पहचान सिंह, हरनारायण सिंह, दीपक दुबे आदि मौजूद रहे।
सहार स्थित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अमित पाल के नेतृत्व में ब्लॉक के शिक्षकों ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक का विरोध जताया।
उन्होंने इसकी प्रतियां भी जलाईं। इस मौके पर शिक्षक संतोष यादव, संजय तिवारी, विपिन यादव, शिशुपाल सिसौदिया, ब्रजभान राजपूत, दीपू यादव राजनरायन, अनिल पाल, अरुण यादव, विश्वनाथ यादव, सुबोध, विनय कुमार, मानवेंद्र सिंह, अमित, राकेश राजपूत, देवांशु, प्रवीण यादव आदि मौजूद रहे।