औरैया। मंडी समिति परिसर में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ाने के लिए प्रदेश में मंडी शुल्क 0.5 प्रतिशत कम करने का निर्णय लिया गया है। मंडी के आढ़ती इससे इत्तफाक नहीं रख रहे हैं। आढ़तियों का कहना है कि एक प्रतिशत मंडी शुल्क कम होगा, तभी कर चोरी पर रोक लग सकेगी। 0.5 प्रतिशत कम करने से कोई लाभ नहीं होगा। आढ़तियों ने शासन से एक देश एक शुल्क को लागू किए जाने की मांग की है। मंडी शुल्क 0.5 प्रतिशत कम किए जाने संबंधी शासन को भेजे गए प्रस्ताव पर आढ़तियों में आक्रोश व्याप्त है। आढ़तियों ने गल्ला कारोबार में समानता पूर्ण व्यवहार किए जाने की मांग की है।
गल्ला आढ़ती संघ के महामंत्री जमाली सिंह का कहना है कि आढ़तियों द्वारा मंडी शुल्क समाप्त किए जाने की मांग की गई थी। लेकिन मंडी परिषद ने आढ़तियों की मांग को पूरा न करके 0.5 प्रतिशत मंडी शुल्क कम का प्रस्ताव शासन को भेज दिया। यह आढ़तियों को झुनझुना दिखाने वाला है।
आढ़ती जसोदा नंदन का कहना है कि प्रधानमंत्री ने एक देश एक मंडी शुल्क का नारा दिया है। प्रदेश सरकार को अन्य राज्यों की तरह ही यूपी में भी मंडी शुल्क हटा देना चाहिए। यदि एक प्रतिशत मंडी शुल्क कर दिया जाए तो गल्ले के कारोबार में होने वाली कर चोरी को रोका जा सकता है।
आढ़ती शिवम का कहना है कि जब समानता के साथ सभी जगह एक जैसा मंडी शुल्क होगा तो फिर प्रतिस्पर्धा नहीं होगी। कम कर लगेगा तो सभी कर दे सकेंगे। ज्यादा कर लगाए जाने से चोरी होना स्वाभाविक है। इससे व्यापार में भी समानता आएगी। इस मुद्दे पर अविलंब ध्यान देना चाहिए।