दिबियापुर। ग्राम पंचायत वैसुंधरा में आयोजित तीन दिवसीय वैदिक सम्मेलन के अंतिम दिन बृहस्पतिवार को आचार्य अरुण ने वेद शास्त्र को समाज की सबसे बड़ी धरोहर बताया। कहा कि इनके अध्ययन और मनन से समाज में वैमनस्यता मिटाकर समरसता कायम की जा सकती है। उन्होंने कहा कि वेद देवताओं के बताए भागवत पुराणों का सार है। इसे महर्षि दयानंद सरस्वती ने अपनाकर संसार को एक दिशा दी है। सम्मेलन में वेद प्रचारक बुद्ध सेन आर्य, पूर्व प्राचार्य डॉ. अजब सिंह यादव, गीतम सिंह, बदन सिंह आदि ने विचार व्यक्त किए।(संवाद)