कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डा.रामबाबू बाजपेई ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्जवलित कर किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि एक माह तक सफलता का सफर तय करके अंतिम पायदान पर पहुंची शरदोत्सव प्रदर्शनी का हर जाति, हर वर्ग हर धर्म व सांप्रदाय के लोगों ने जी भर कर लुफ्त उठाया। उन्होने कहा कि पालिका प्रशासन की इस सफलता के लिए वह बधाई के पात्र हैं। इस मौके पर भूगोल विभाग के पूर्व अध्यक्ष डा. पीएन शुक्ला ने कहा कि वर्षों से लगने वाली प्रदर्शनी के लिए आज तक पालिका प्रशासन कोई स्थाई जगह की तलाश नहीं कर सका है। उन्होंने पालिका अध्यक्षा से इस दिशा में कारगर कदम उठाने की अपील की। साथ ही अध्यक्ष प्रतिनिधि लालजी शुक्ला को रामनाम की पट्टिा भेट कर आर्शीवाद प्रदान किया। वहीं लोकतंत्र सेनानी कृष्ण मुरारी मिश्रा ने राष्ट्र भावना को जागृत करते हुए हमारा देश ये चमके यही कामना है
मेरी, बने यह राम का भारत यही है कामना मेरी काव्य पाठ पर पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। शिक्षक नेता जगदीश त्रिपाठी ने नगर पालिका प्रशासन से प्रदर्शनी के अलावा देवस्थलों जैसे मंगलाकाली मंदिर, देवकली मंदिर व यमुना स्थल पर लगने वाले मेले के लिए भूमि तलाश कर पालिका प्रशासन की ओर से मेले का आयोजन सुनिश्चित कराए जाने की सलाह दी। इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्षा श्रीमती नरेंद्र कौर ने कहा कि पालिका की ओर से लगाई गई शरदोत्सव प्रदर्शनी में सभी ने तहे दिल से सहयोग किया। इसके लिए वह उन सभी की शुक्रगुजार हैं। इस दौरान नन्हीं छात्रा वंशिका ने डोला रे डोला रे डोला... पर बेहतरीन नृत्य प्रस्तुत करके समां बांध दिया। वहीं शिवानी व शलिनी सिंह द्वारा मेरे ढोलना... गीत पर किया गया नृत्य सराहा गया। कार्यक्रम का संचालन अजय शुक्ला अंजाम ने किया। इस अवसर पर डा. अरुण तिवारी, श्याम जी शुक्ला, ओमजी शुक्ला, उमाशंकर, ज्ञान सक्सेना, गुरुनारायण वर्मा के अलावा गंगाराम बजाजा व नगर पालिका इंटर कालेज का स्टाफ सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।