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विद्यार्थियों में आत्मबल बढ़ाएगी एसपीसी

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SPC will increase self-confidence in students - फोटो : AURAIYA
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औरैया। केंद्र सरकार की ओर से कक्षा आठ व नौ के छात्र-छात्राओं के आत्मबल को बढ़ाने के लिए एसपीसी (स्टूडेंट पुलिस कैडेट) कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। साल भर में 130 घंटे के इस कार्यक्रम में नोडल अधिकारी सप्ताह में एक दिन 90 मिनट का प्रशिक्षण देंगे। दिबियापुर के हायर सेकेंड्री स्कूल बिझाई में हुए कार्यक्रम में बच्चों को अपराध के खिलाफ जागरूक किया गया।
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एसपी सुनीति ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को यातायात संबंधी जानकारी देना, बाल योनाचार के प्रति जागरूकता पैदा करना, नागरिकता समरूपता, धर्म निरपेक्षता दृष्टिकोण की भावना के साथ-साथ उनके अंदर नेतृत्व क्षमता के गुण पैदा करना है। कार्यक्रम के लिए 15 माध्यमिक व दो बेसिक विद्यालयों को नामित किया गया है। संबंधित स्कूल के प्रधानाध्यापक व एक अध्यापक को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसको कम्यूनिटी पुलिस आफीसर कहा जाएगा। उन्होंने बताया कि समय-समय पर पुलिस लाइन में भी प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कक्षा आठ व नौ का विद्यार्थी होना अनिवार्य है। इसके अलावा उनके 50 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है। शारीरिक रूप से स्वस्थ छात्र-छात्राएं ही शामिल हो सकेंगी। माता-पिता की लिखित स्वीकृति अनिवार्य है।
जिले भर के सभी थानों में एक-एक नोेडल अधिकारी बनाया गया है। इसका प्रमुख काम स्कूलों के नोडल अधिकारी से समन्वय स्थापित कर पुलिस विभाग से संबंधित जानकारियां छात्र-छात्राओं को देना है। केंद्र सरकार की ओर से 30-30 हजार रुपये चयनित विद्यालयों को दिए गए हैं। विवरण रखने की जिम्मेदारी प्रधानाचार्य व नोडल अधिकारी की है। इस कार्यक्रम में शामिल छात्र-छात्राओं को पुलिस की होने वाली भर्ती प्रक्रिया में डेढ़ प्रतिशत अंक की वरीयता मिलेगी।
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एसपीसी कार्यक्रम को निर्विघ्न व कुशलता पूर्वक संचालित कराए जाने के लिए एक जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति गठित की गई है। इसमें नामित विद्यालय के प्रधानाचार्य व शिक्षक, नामिता थाना के पुलिस अधिकारी, नामित नोडल अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, तकनीकी मंडलीय सलाहकार व पूर्व सदस्य बाल कल्याण विभाग कानपुर को शामिल किया गया है।
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