औरैया। मिशन समाधान के बाद भी कब्जे की शिकायतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार को सदर तहसील सभागार में हुए संपूर्ण समाधान दिवस की सुनवाई में ऐसे ही मामले अधिक रहे। किसी फरियादी ने मकान और जमीन पर कब्जे की शिकायत बताई तो किसी ने मकान के नामांतरण के बदले सुविधा शुल्क मांगे जाने का आरोप लगाया। डीएम बृजेश कुमार और एएसपी अभिषेक ने शिकायतें सुनीं। शिकायतों का आंकड़ा 135 तक पहुंच गया। जिसमें से महज 15 शिकायतों को मौके पर निपटाया जा सका। वहीं अजीतमल व बिधूना तहसील में कुल 224 शिकायतें दर्ज हुईं। जिसमें महज 12 का निपटारा हुआ।
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परिवार के लोगों ने पीएम आवास पर किया कब्जा
फफूंद कस्बा के मोहल्ला जुबैरी निवासी नसीमा ने हैरत में डालने वाली समस्या बताई। एएसपी को बताया कि उनके पति आमिर हसन ने पुश्तैनी मकान से हटकर प्रधानमंत्री आवास बनवाया लेकिन परिवार के लोगों ने उनके पीएम आवास पर ही कब्जा कर लिया है। परिवार को उनके ही मकान में घुसने नहीं दिया जा रहा है। धमकाया जा रहा है। इस पर एसपी ने पुलिस टीम को निस्तारण करने को कहा।
नामांतरण के लिए अधिकारी मांग रहे 50 हजार
कानपुर देहात के डेरापुर तहसील के गांव औरंगाबाद निवासी जयवीर ने अधिकारियों को बताया कि नगर पालिका में मकान के नामांतरण के लिए 50 हजार रुपये की मांग की जा रही है। जयवीर ने बताया कि उनकी मां फूलमती के नाम मोहल्ला पढ़ीन दरवाजा में मकान है। मां की 31 मार्च 2025 को मौत हो गई थी। वारिसान के तौर पर भाई समेत पिता के नाम चढ़वाने के लिए दस्तावेज पालिका में आवेदन के साथ जमा किए लेकिन कार्यालय में तैनात बाबू लंबे समय से टरका रहा है। 50 हजार रुपये की मांग की है। असमर्थता जताने पर फाइल रोक दी है। ईओ को निस्तारण के लिए निर्देश दिए गए।
यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाने पर भड़के व्यापारी
औरैया। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने पीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपकर यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित 0.4 फीसदी शुल्क न लगाए जाने की मांग की है। संगठन के जिलाध्यक्ष सुधीर पुरवार ने ज्ञापन में कहा कि देश में करीब 55 करोड़ नागरिक और व्यापारी यूपीआई का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर 0.4 फीसदी शुल्क लगाए जाने से व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा। व्यापारी और नागरिक पहले से ही विभिन्न प्रकार के कर का भुगतान कर रहे हैं। ऐसे में यूपीआई लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाना उचित नहीं है। सुधीर सिंह कुशवाह, गोपालजी दुबे, अजीत मिश्रा, सल्लू बिश्नोई, बबलू मोहम्मद आदि मौजूद रहे। (संवाद)
फोटो-21- संपूर्ण समाधान दिवस की जनसुनवाई में अधिकारियों के सामने लगी फरियादियों की भीड़। संवाद