मौके पर लगी ग्रामीणों की भीड़
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कोतवाली क्षेत्र के गांव अमावता में मंगलवार सुबह पैर फिसलने से एक अधेड़ सूखे व गहरे कुएं में गिर गया। बचाने के लिए भाई भी कुएं में उतर गया। कुएं के अंदर जहरीली गैस से वह बेहोश हो गया। सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड कर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होेंने रस्सी डालकर शव बाहर निकाला।
अमावता गांव में सुबह करीब आठ बजे जयसीराम (50) घर से मजदूरी करने के लिए निकला था। घर से कुछ ही दूरी पर एक गहरा सूखा कुंआ है। अचानक अधेड़ फिसलकर कुएं में जा गिरा। कुएं में गिरने पर आस पास के लोगों ने शोर मचाया। जयसीराम का छोटा भाई शिवराज रस्सी के सहारे कुएं में उतरा। लेकिन जहरीली गैस के कारण बेहोश हो गया। ग्रामीणों ने पानी डाला और रस्सी खींचकर उसे बाहर निकाल लिया। सूचना पर एसडीएम आरपी तिवारी व अजीतमल कोतवाल डीपी सिंह मय फोर्स के पहुंच गए।
फायर ब्रिगेड कर्मी छंगेलाल ने कुएं में उतरने का प्रयास किया, मगर जहरीली गैस होने के कार वह वापस आ गया। इसके बाद कुएं में तालाब का पानी भरवाया गया। तब मृतक का शव ऊपर तैरने लगा। इसके बाद रस्से में फांसकर शव को बाहर निकाला गया। करीब चार घंटे मशक्कत के बाद शव निकल पाया। इस दौरान ग्रामीणों की भीड़ भी जमा रही। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बेसुध हुई मां
घटना के समय मृतक की मां अपनी बेटी के यहां धीरजपुर में थी। सूचना पर मां रोती बिलखती पहुंच गई। जैसे ही बेटे का शव देखा तो वह बेहोश हो गई। ग्रामीण महिलाओं ने उसे संभाला। लोगों ने बताया कि वह इसी बेटे के साथ रहकर जीवनयापन कर रही थी।
आठ साल पहले हुई थी पिता की मौत
मृतक जयसीराम के भाई शिवराज सिंह ने बताया कि उसका परिवार तंगी की हालत में मजदूरी कर गुजर बसर कर रहा है। आठ साल पहले छत गिरने से उसके पिता की मौत हो गई थी। उस समय कोई आर्थिक सहायता नही मिली और न ही राशनकार्ड बन सका।