सहार। ब्लॉक क्षेत्र में सियारी नाला, धुपखरी नाला और छुईया नाला की सफाई न होने की वजह से एक बार फिर से फसल डूबेगी।
पिछले दो साल से नालों की सफाई न होने से दर्जनों गांवों की कृषि भूमि लगभग तीन माह तक जलमग्न रहती है। इससे धान सहित अन्य फसलें बर्बाद हो जाती और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
ग्रामीण पप्पू सेंगर, अंकित दोहरे, अरविंद कुशवाहा, मनोज पाल सहित अन्य ने बताया कि सियारी नाला के अवरुद्ध होने से फतेहपुर, सोमवंशी, देवीदास, सहार, पुरवा दानशाह, पंडपुर, कुंवरपुर, पुरवा लल्लू, पुरवा कड़ा, बराऊ, पुरवा बले, नारायनपुर और सिरसानी सहित कई गांव प्रभावित हैं।
वहीं, धुपखरी नाला अवरुद्ध होने से देवकानपुरवा, मक्कापुरवा, कथुलेपुरवा, थुलपया, उपरेगा, धुपखरी, जड़कणू, ठाकुरगांव, दीपपुर, पुरवा भग्गा, गोपालपुर, टिकनापुर और ज्ञानी गांवों में जलभराव की गंभीर समस्या बनी रहती है।
इसी प्रकार छुईया नाला के बंद होने से रज्जापुरवा, जौहर, भवानीपुर, छब्बापुरवा, औरौं, डमरपुर, दायम खां पुरवा, मढ़हा दासपुर और याकूबपुर सहित कई गांवों की कृषि भूमि प्रभावित होती है। ग्रामीणों के अनुसार करीब एक हजार एकड़ से अधिक कृषि भूमि हर वर्ष बरसात के दौरान जलमग्न हो जाती है। खेतों में लंबे समय तक पानी भरा रहने से धान की रोपाई प्रभावित होती है और कई बार पूरी फसल नष्ट हो जाती है।
किसानों का कहना है कि नालों की समय पर सफाई और खोदाई न होने के कारण यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई बार संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। वहीं, विधूना विधायक रेखा वर्मा ने भी विधानसभा में नाला सफाई का मुद्दा उठाया था।
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नालों की सफाई से संबंधित फाइल जिलाधिकारी कार्यालय औरैया पहुंच चुकी है। प्रशासनिक स्वीकृति मिलते ही कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।
-राकेश चौबे, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग, कानपुर मंडल
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सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं। 30 जून से पहले सफाई कार्य शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
-सुरेंद्र कुमार कौशल, अधिशासी अभियंता सिंचाई
हरदू नाला में उगी झाड़ियां। संवाद- फोटो : 1
हरदू नाला में उगी झाड़ियां। संवाद- फोटो : 1