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पचनद बैराज का सर्वे कार्य पूरा कर जून 2020 तक डीपीआर सबमिट करने के निर्देश

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दिबियापुर (औरैया)। बीहड़ क्षेत्र एवं औरैया, इटावा, कानपुर देहात जिले के सुदूर गांवों में भरपूर पानी देने के लिए प्रस्तावित पचनद बैराज के सर्वे का कार्य जून 2020 तक पूरा करडीपीआर जमा करें। यह निर्देश कानपुर से पहुंचे मुख्य अभियंता रामगंगा कमांड इंजीनियर जेके शर्मा ने सर्वे कर रही कोलकाता की टीम को दिए।
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रविवार को अजीतमल क्षेत्र के ग्राम बीजलपुर के सडऱापुर गांव में कानपुर से पहुंचे मुख्य अभियंता रामगंगा इंजीनियर जेके शर्मा, अधीक्षण अभियंता सिंचाईं कार्यमंडल इटावा इंजीनियर डीके तिवारी, अधिशासी अभियंता सिंचाईं औरैया एसपी सिंह, सहायक अभियंता अवनीश यादव, जेई विनोद कटियार ने सर्वे के कार्य का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सर्वे का कार्य कर रही कोलकाता की टीम को निर्देशित किया कि समयबद्ध तरीके से सर्वे का काम पूरा कर लिया जाए। ताकि जल्द पचनद बैराज के निर्माण का कार्य शुरू किया जा सके। अधिकारियों ने निर्देशित किया कि जून 2020 तक इसरो से प्राप्त रिमोट सेंसिंग डाटा एवं आईआईटी रुड़की से प्राप्त डिजाइन के आधार पर प्रोजेक्ट की डीपीआर जमा कर दें।
इससे बैराज निर्माण कराने में आसानी होगी। अधिकारियों ने कोलकाता की टीम द्वारा किए जा रहे सर्वेक्षण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। इसके साथ ही सडऱापुर गांव से यमुना नदी के किनारे तक रास्ता बनाने के लिए प्रधान को कहा गया है। बता दें कि औरैया, इटावा एवं जालौन जिले की सीमाओं पर पांच नदियों का संगम स्थल है। यहां पर प्रस्तावित पचनद बैराज के माध्यम से बीहड़ क्षेत्र को हरा-भरा करने की योजना है। पचनद बैराज बन जाने के बाद औरैया, कानपुर देहात, जालौन जिले में नहर के टेल वाले गांवों में खेती के लिए भरपूर पानी मिल सकेगा। पानी न मिल पाने से नहर के टेल वाले गांवों के किसान सिंचाईं के लिए परेशान रहते हैं।
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