कार्यालय के गेट का कुल्हाड़ी मारकर ताला तोड़ते आक्रोशित सफाई कर्मी
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नाला सफाई के दौरान नाले की पटिया गिरने से शुक्रवार को एक सफाईकर्मी घायल हो गया। उसका इलाज कराने के लिए सेनेटरी इंस्पेक्टर ने मना कर दिया। इस पर सफाई कर्मियों ने पालिका कार्यालय में पथराव किया। आक्रोशित सफाई कर्मचारियों ने कार्यालय के गेट का ताला तोड़कर एसआई व लिपिकों की से मारपीट की। घायल पालिका एसआई ने कोतवाली पुलिस को नौ नामजद सहित पचास अज्ञात के खिलाफ मारपीट व सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की तहरीर दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शुक्रवार को ब्लाक गेट के सामने एक नाले की सफाई का काम कराया जा रहा था। तभी नाला साफ कर रहे सफाई कर्मी कुलदीप के ऊपर नाले की पटिया गिर गई। जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे सफाई कर्मियों ने उसे प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। डाक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में कानपुर रेफर कर दिया। मामले में बेबी देवी पत्नी जय प्रकाश ने एसपी को दी तहरीर में बताया कि उनके पुत्र को रेफर किए जाने पर वह सभी लोग नगर पालिका पहुंचे।
जहां पर सेनेटरी इंस्पेक्टर ओंकार सिंह से उपचार के लिए आर्थिक सहायता मांगी। मदद की जगह उन्होंने गाली गलौज कर भगा दिया। इतना सुनते ही मौजूद सफाई कर्मियों ने पालिका में हंगामा शुरू कर दिया। मामला बिगड़ता देख एसआई ओंकार सिंह, सुपरवाइजर रोहित शुक्ला कार्यालय में छिप गए और बाहर से ताला लगवा दिया। इस पर सफाई कर्मियों ने गेट में लगे शीशे और ताले को कुल्हाड़ी से तोड़ दिया। पथराव से कार्यालय का फर्नीचर व अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गया। आक्रोशित लोगाें ने एसआई ओंकार सिंह, सुपरवाइजर रोहित शुक्ला के साथ मारपीट की। अध्यक्ष प्रतिनिधि लालजी शुक्ला ने सफाईकर्मियों को समझाया।
सूचना के बाद भी देर से पहुंची पुलिस
सदर कोतवाली क्षेत्र में पुलिस की निष्क्रियता से नगर पालिका में बड़ा हादसा होते बचा। पालिका परिषद में जब सफाई कर्मचारियों की ओर से कर्मचारियों के साथ मारपीट की जा रही थी। इससे पहले ही वहां मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। लेकिन सूचना के आधा घंटे तक पुलिस के न पहुंचने से मौजूद पालिका एसआई व लिपिक आक्रोशित सफाई कर्मियों की मारपीट का शिकार होते रहे।
एसडीएम और सीओ ने समझाया
औरैया। आक्रोशित सफाई कर्मियों ने डीएम आवास पहुंचकर हंगामा करने का प्रयास किया, लेकिन सूचना पर पहुंचे सीओ सिटी चौधरी रमेश सिंह व एसडीएम सदर राजेंद्र कुमार ने समझाकर वापस भेज दिया।