अछल्दा। जरा सी लापरवाही और जल्दबाजी ने दो हंसते-खेलते परिवारों की जिंदगी तबाह कर दी। अगर मामा-भांजे ने घर पहुंचने के लिए शॉर्टकट का रास्ता न अपनाया होता और रफुटओवर ब्रिज का इस्तेमाल किया होता, तो शायद आज दो घरों के चिराग नहीं बुझते।
घटना शनिवार सुबह की है। ट्रेन से प्लेटफार्म पर उतरने के बाद दोनों युवक जल्दी घर पहुंचने की फिराक में थे। इसी जल्दबाजी में उन्होंने सुरक्षित रास्ते के बजाय शॉर्टकट अपनाया। प्लेटफार्म से उतरने के बाद लगभग 40 मीटर दूर रेलवे क्रॉसिंग तक पहुंचने के लिए रेल पटरियों के बीच से गुजरने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि वे उत्तर की ओर बने पैदल पार पुल से होते हुए करीब 500 मीटर की दूरी तय कर रेलवे क्रॉसिंग तक पहुंचते, तो दोनों की जान बच सकती थी। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि रेलवे प्लेटफार्म नंबर-4 से महेवा रोड को जोड़ने वाले लिंक रोड पर आवागमन सुगम होता और दक्षिण की तरफ पैदल पार पुल बना होता, तो शायद यह अनहोनी टल सकती थी।
बारिश के चलते रेलवे स्टेशन से महेवा रोड लिंक रोड तक करीब 50 मीटर का रास्ता पानी में डूब जाता है। यह जमीन रेलवे की है, जिस पर बड़ा फाटक लगाकर बंद किया गया है। यदि रेलवे प्रशासन यहां से रास्ता दुरुस्त कर देता और प्लेटफार्म नंबर-4 से फुटओवर ब्रिज की सुविधा होती तो शायद दोनों युवक सुरक्षित अपने घर पहुंच जाते।